यूपी बोर्ड में नकल पर सख्‍ती का असर, 7.4 लाख छात्रों ने नहीं दी परीक्षाUpdated: Sat, 20 Feb 2016 12:50 PM (IST)

यूपी बोर्ड की हाईस्‍कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में पहले दिन करीब 7.42 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।

इलाहाबाद। यूपी बोर्ड की हाईस्‍कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में पहले दिन करीब 7.42 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। यूपी माध्‍यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों ने दावा किया कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन और मोबाइल एप का प्रयोग किया गया था।

इसके चलते बड़ी संख्‍या में छात्रों ने परीक्षा नहीं दी। यूपी बोर्ड की हाईस्‍कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दुनिया में सबसे बड़ी परीक्षा होती है, जिसमें इस बार करीब 68 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। शुक्रवार को 11,667 केंद्रों से इलाहाबाद के बोर्ड ऑफिस में डाटा भेजा गया।

अधिकारियों ने पाया कि 12वीं कक्षा के दो लाख 88 हजार और दसवीं कक्षा के चार लाख 54 हजार छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए। सबसे ज्‍यादा छात्र मेरठ और गाजीपुर जिले के हैं, जो परीक्षा में नहीं शामिल हुए। इन दोनों जिलों से 36,000-36,000 छात्र परीक्षा में नहीं बैठे।

इसके बाद बरेली से 34 हजार, बलिया से 34 हजार, इलाहाबाद से 32 हजार और आगरा से 22 हजार छात्रों ने परीक्षा नहीं दी। वाराणसी से 10,700 और लखनऊ से 4,500 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए। माध्‍यमिक शिक्षा परिषद के डिप्‍टी सेक्रेट्री अरविंद पांडेय ने बताया कि यह आंकड़ा चौंकाने वाला है, क्‍योंकि यह कुल परीक्षार्थियों का 11 फीसद है।

उन्‍होंने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से अधिकांश छात्रों ने नकल माफिया के जरिये ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन किया था। पहले वे कई स्‍कूलों से मैनुअली रजिस्‍ट्रेशन करते थे और किसी एक स्‍कूल से पास हो जाते थे। पांडेय ने बताया कि नए एडवांस सॉफ्टवेयर के कारण गैर-गंभीर कई छात्र परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचे।

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