हिंदी का मजाक उड़ाने वालों की इन सेलेब्रिटीज ने ऐसे की बोलती बंदUpdated: Wed, 13 Sep 2017 09:30 AM (IST)

लोगों को हिंदी बोलने में शर्म महसूस होती है। इसके ठीक विपरीत, कुछ सेलेब्रेटीज ऐसे हैं, जिन्होंने हिंदी पर जोर दिया और वैश्विव पहचान दिलाई।

शशांक शेखर बाजपेई। दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी चौथे स्थान पर है। चीन की मंदारिन पहले, तो स्पेनिश दूसरे और इंग्लिश तीसरे स्थान पर है। बावजूद इसके भारत में ही हिंदी की हालत बहुत अच्छी मानी जाती। कभी-कभी लगता है कि लोगों को हिंदी बोलने में शर्म महसूस होती है।

इसके ठीक विपरीत, कुछ सेलेब्रेटीज ऐसे हैं, जिन्होंने हिंदी पर जोर दिया और दुनियाभर में हिंदी को नई पहचान दिलाने में सहायता की। हिंदी दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही सेलेब्रिटीज और उनके किस्सों के बारे में जो हिंदी भाषा को सम्मान सहित आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

जब महानायक को मिली चुनौती

महानायक अमिताभ बच्चन के पिता स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन की हिंदी कविताओं को किसी परिचय की जरूरत नहीं। उन्होंने अमिताभ बच्चन को भी वही संस्कार दिए। बिग बी हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाएं जानते हैं, लेकिन हिंदी में लिखी स्क्रिप्ट्स को ज्यादा महत्व देते हैं। कभी अपने पिता के द्वारा लिखी हिंदी कविताओं को शेयर करते हैं, तो कभी खुद भी हिंदी में ट्वीट करते हैं।

अमिताभ को उनके एक प्रशंसक ने साल 2011 में कुछ अंग्रेजी शब्दों के हिंदी समानार्थी बताने की चुनौती दी, तो उन्होंने इसे बहुत ही दिलचस्प अंदाज में पेश किया था। अमिताभ ने माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा- विजय पुणेकर ने पांच वस्तुओं- एंबुलेंस, मोबाइल, जेरॉक्स, ट्यूबलाइट और सिम के हिंदी नाम बताने की मुझे चुनौती दी है।

इसके जवाब में अमिताभ ने लिखा- एंबुलेंस को हिंदी में चिकित्सा वाहनम्, मोबाइल को हस्त दूरभाषम्, ट्यूब लाइट को हिंदी में समय लागला..लागल जलंतु, मोबाइल के सिम को जा विहीनम:, ता हस्त दूरभाषम् कहा जाता है। अमिताभ ने जेरॉक्स के बारे में कहा कि जेरॉक्स एक कंपनी का नाम है, जिसका मतलब होता है नकल, इसलिये जेरॉक्स का हिंदी है जस्त प्रवेशाया, तस्त छपाया।

अखिलेंद्र मिश्रा का हिंदी पर दिलचस्प शोध

'चंद्रकांता' सीरियल के क्रूर सिंह से लेकर लगान, सरफरोश, रेडी सहित करीब 70 हिट फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले अखिलेंद्र मिश्रा हिंदी पर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिंदी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके हर अक्षर के उच्चारण से रीढ़ की हड्डी के मनके पुष्ट होते हैं और यही वजह है कि इसे बोलने वाला व्यक्ति लंबे समय तक जवान रहता है।

अखिलेंद्र का कहना है कि हिंदी की बेहतरी के लिए जरूरी है कि इसे बोलियों से अलग न किया जाए। साथ ही इसकी बोलियों से दोयम दर्जे का व्यवहार बंद हो। अन्यथा सभी बोलियां अपने बचाव में खुद को भाषा मानने लगेंगी और हिंदी की स्थिति दयनीय होती जाएगी। अच्छी बात यह है कि भारत में हिंदी मिलने वाली तमाम चुनौतियों के बावजूद इसे विश्व स्तर पर रोजगार भाषा के रूप में स्वीकार्यता मिलने लगी है। नासा के वैज्ञानिकों ने हिंदी और संस्कृत की खूबियों को स्वीकारा है। नासा के शोध के मुताबिक कि सूरज 'ओम' ध्वनि गुंजित कर रहा है और संस्कृत वैज्ञानिक रूप से सर्वश्रेष्ठ भाषा है।

कपिल शर्मा का वीडियो

कॉमेडी शो से मशहूर हुए कपिल शर्मा हिंदी को ही प्राथमिकता देते हैं। उनको अंग्रेजी नहीं आती है और इसके लिए वह शर्मिंदगी महसूस नहीं करते, क्योंकि उनका हुनर किसी भाषा का मोहताज नहीं है। एक वीडियो में कपिल ने हिंदी का महत्व बताया था। हिंदी बोलने वाले एक्टर की बेइज्जती करते हुए उसे असिस्टेंड डायरेक्टर कहता है कि अंग्रेजी नहीं आती और एक्टर बनने चले आए, इस पर कपिल कहते हैं, हथौड़ा इंग्लिश में चलाकर बताओ। फोटो इंग्लिश में लेकर बताओ। यह वीडियो काफी मजेदार है, आप भी जरूर देखिए...

मन की भाषा की वकालत

हिंदी सिनेमा में खुले दिल से सभी भाषाओं और विविध प्रकार की संस्कृति के लिए द्वार खुले होते हैं। कहानी की मांग पर पर बहुत कुछ होता है। लेकिन कुछ खांटी कलाकारों ने अपनी भाषा की बखूबी वकालत की है। अभिनेता आशुतोष राणा को हिंदी पसंद है, चाहे फिल्में हो या फिर कोई सार्वजनिक समारोह, आशुतोष अक्सर लोगों का मन मोह लेते हैं। वह कई बार कह चुके हैं कि हिंदी मन की भाषा है।

राणा ने बॉलीवुड और छोटे परदे पर हिंदी को पूरी मजबूती से सबके सामने अपनी भाषा के रूप में बखूबी प्रचारित किया और लोगों को इसकी अहमियत का अहसास कराया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और हिंदी सिनेमा में साल 1995 में डेब्यू किया था। उन्हें हिंदी सिनेमा में पहचान काजोल स्टारर फिल्म दुश्मन से मिली।

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