अजीब रिश्‍ता : मसूद अजहर और अजित डोभाल का हुआ है कई बार आमना सामनाUpdated: Thu, 14 Jan 2016 10:45 AM (IST)

पिछले 22 सालों में अजीत डोभाल और मसूद अजहर का कई बार आमना-सामना हो चुका है।

नई दिल्ली। पाकिस्‍तान ने आतंकी संगठनों पर नकेल कसते हुए जैश-ए-मोहम्‍मद पर कार्रवाई करके उसके संस्‍थापक मौलाना मसूद अजहर को गिरफ्तार कर लिया। माना जा रहा है कि पठानकोट के एयरबेस पर और अफगानिस्‍तान के मजार-ए-शरीफ में भारतीय दूतावास पर हमला कराने के पीछे उसी का हाथ था।

यह खबर भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के लिए काफी राहत देने वाली और अच्‍छी खबर है। पिछले 22 सालों में अजीत डोभाल और मसूद अजहर का कई बार आमना-सामना हो चुका है।

वर्ष 1994 में मसूद अजहर कश्मीर घाटी में एक पुर्तगाली पासपोर्ट पर सफर करने के दौरान गलती से गिरफ्तार हुआ था। कई एजेंसियां उसे छोटी मछली मान रही थीं, लेकिन जब अजीत डोभाल ने इस मामले में हस्‍तक्षेप किया, तो पूरा मामला ही बदल गया।

अजित डोभाल आईबी में जम्मू-कश्मीर में पोस्टेड थे और उन्होंने ही ये खबर केंद्र सरकार को दी थी, जिसके बाद मसूद अजहर की गिरफ्तारी हुई थी। 1994 से लेकर 1999 तक वो कोट बलवल जेल में रहा। उस वक्‍त 26 साल का मसूद खुद को हरकत उल मुजाहिदीन का पत्रकार बताते हुए नकली पुर्तगाली पासपोर्ट पर सफर कर रहा था और लोगों को उकसा भी रहा था।

उसे हरकत उल अंसार और हरकत उल जिहादी को एक करने की कोशिश में पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में भेजा था, ताकि वे मिलकर कश्‍मीर घाटी और देश के अन्‍य हिस्‍सों में आतंकी हमले कर सकें।

अजीत डोभाल और उनकी टीम ने जो थका देने वाली जांच और खुफिया जानकारियां जमा की थी, उससे पता चला कि अजहर पाकिस्‍तान में आतंकवाद के बुनियादी ढांचे का कितना बड़ा खिलाड़ी था। डोभाल की टीम में आसिफ इब्राहिम भी शामिल थे। वह अब भी डोवाल के साथ काम कर रहे हैं। वर्तमान में वह प्रधानमंत्री के साथ आतंकवाद पर विशेष दूत के रूप में काम कर रहे हैं।

दिसम्बर 1999 को उसे एयर इंडिया के हाईजैक किए गए विमान IC-814 के यात्रियों को छोड़ने के बदले में रिहा कर दिया गया था। IC-814 के अपहरणकर्ताओं से बातचीत करने के लिए तब अजित डोभाल अफगानिस्तान भी गए थे। तब भी वह आईबी में बतौर अडिशनल डायरेक्टर पद पर कार्यरत थे।

दिसम्बर 2001 में जब संसद पर हमला हुआ, तब जैश और मसूद अजहर का नाम सामने आया था। पूरी साजिश को सामने लाने में भी दोवाल ने पुलिस की मदद की। अब 2016 में जब दोबारा मसूद अजहर की गिरफ्तारी की खबर आई है तब डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं।

पठानकोठ हमले के बाद उनकी आलोचना के स्‍वर जरुर उठ रहे थे, लेकिन भारत ने जो सबूत पाकिस्तान को दिए उस पर पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर कार्रवाई की है। ऐसे में उम्‍मीद है कि डोभाल के अलोचकों के मुंह बंद हो जाएंगे।

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