गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में सात और बच्चों की मौत, प्रधानाचार्य निलंबितUpdated: Sat, 12 Aug 2017 10:11 PM (IST)

गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में सात और मौतें हो गईं। इस तरह से कुल मरने वालों की संख्या 55 हो गई है।

लखनऊ। गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 48 मौतें होने के बाद शनिवार को राज्य सरकार ने वहां के प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र को निलंबित कर दिया। इस बीच अस्पताल में सात और मौतें हो गईं। इस तरह से कुल मरने वालों की संख्या 55 हो गई है।

इस बीच त्रासदी की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को घटना की जानकारी लेने गोरखपुर भेजा। शनिवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर भेजे गए अपने मंत्रियों सिद्धार्थनाथ सिंह और आशुतोष टंडन से रिपोर्ट ली और प्रेस कांफ्रेस बुलाकर कहा कि कोई भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है जो ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी की भूमिका की जांच करेगी। घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस, सपा, बसपा ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। घटना को लेकर कई जगह प्रदर्शन भी हुए।

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही, कमीशनखोरी, मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल की पत्नी के दखल आदि तमाम आरोपों के बीच राज्य सरकार शनिवार सुबह हरकत में आई और मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन को अपने आवास पर बुलाकर उन्हें तत्काल गोरखपुर जाने का आदेश दिया। दोनों मंत्रियों ने शाम को वहां से आकर अपनी रिपोर्ट दी।

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल्‌, सिद्धार्थनाथ सिंह और आशुतोष टंडन के साथ संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेस की। योगी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई है। पहली नजर में प्रिंसिपल की लापरवाही सामने आई है, इसलिए, उन्हें निलंबित किया गया है। यह पूछे जाने पर कि ऑक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुईं तो निलंबन क्यों, इस पर मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली कंपनी का भुगतान रोकने की वजह से उन्हें निलंबित किया गया। अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की रिपोर्ट प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजी है। गोरखपुर में इस घटना को लेकर दिनभर सरगर्मी बनी रही।

मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और आशुतोष टंडन के आने की वजह से अधिकारी सहमे रहे। कांग्र्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के नेतृत्व में पीड़ितों से मुलाकात की। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दिनभर बवाल की आशंका में पुलिस फोर्स तैनात रही। इधर, राजधानी में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

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