ऐतिहासिक रहेगी मोदी की जापान यात्राUpdated: Fri, 29 Aug 2014 09:10 AM (IST)

जापान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने आधा दर्जन से अधिक ट्वीट जापानी में कर जापान के लोगों तक अपनी बात पहुंचाई।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय उप-महाद्वीप के बाहर अपनी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा पर जापान जा रहे हैं। उनका आधिकारिक दौरा 30 अगस्त से तीन सितंबर तक का रहेगा। मोदी के इस दौरे से भारत और जापान के रणनीतिक सहयोग को नया मोड़ देते हुए साझेदारी की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

भारत-जापान रिश्तों में नया रस भरने की कोशिश में मोदी ने जहां जापानी में ट्वीट करने शुरू किए हैं। वहीं खास मेहमान भारतीय प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए जापानी प्रधानमंत्री शिंजो एबी क्योटो पहुंचेंगे।

भारतीय प्रधानमंत्री के इस दौरे से जहां दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों में बीते कुछ समय से आई सुस्ती दूर होने की उम्मीद है। वहीं बुलेट ट्रेन से लेकर यूएस-2 विमान खरीद जैसे सामरिक रिश्ते बढ़ाने वाले फैसले और नाभिकीय सहयोग समझौते जैसे अहम निर्णयों की भी राह आसान होने की उम्मीद है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी भारत में ढांचागत निर्माण के विस्तार से लेकर अपने स्वच्छता अभियान जैसी महात्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करने में जापान की तकनीकी महारत के इस्तेमाल की भी कोशिश करेंगे। प्रधानमंत्री के पांच दिनी दौरे की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पीएम की इस यात्रा से भारत को बहुत अपेक्षाएं हैं और उम्मीद है कि दौरे में सहयोग की ठोस उपलब्धियां होंगी।

मोदी बने जापानी

प्रधानमंत्री के जापान दौरे से पहले उनका ट्विटर हैंडल अचानक जापानी हो गया। प्रधानमंत्री ने आधा दर्जन से अधिक ट्वीट जापानी में कर जापान के लोगों तक अपनी बात पहुंचाई। मोदी ने ट्वीट में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो एबी से मुलाकात को लेकर अपनी उत्सुकता जताने के साथ ही 2007 में हुई पिछली जापान यात्रा की स्मृतियों को भी सराहा। मोदी ने अपने ट्वीट पर जापान से आए उत्साहजनक जवाबों पर धन्यवाद भी जताया।

मोदी को ट्विटर पर फॉलो करने वाले जापानी प्रधानमंत्री एबी ने भी कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के दौरे से दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय शुरू होगा। मैं बेसब्री से क्योटो में आपकी अगवानी का इंतजार कर रहा हूं। हम दोनों मिलकर विश्व शांति और समृद्धि के लिए काफी कुछ कर सकते हैं।

बनारस संवारने को क्योटो का नुस्खा

प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे की शुरुआत क्योटो से करेंगे। पीएम के दौरे में क्योटो को बाद में जोड़ा गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सहेजने के साथ ही आधुनिक शहरी सुविधाओं का मेल की मिसाल पेश करते क्योटो में मोदी अपनी स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए भी सहयोग की संभावनाएं तैयार करेंगे।

मंत्रालय प्रवक्ता के मुताबिक बनारस और क्योटों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर बात चल रही है। मोदी इस 30 अगस्त को क्योटों में गवर्नर और शहर के मेयर से मुलाकात में भी इस संबंध में चर्चा करेंगे।

समृद्ध बौद्ध विरासत वाले क्योटो शहर को पर्यावरण मित्र तकनीक के इस्तेमाल और आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त माना जाता है। मोदी 2007 में गुजरात मुख्यमंत्री के तौर पर भी अपनी जापान यात्रा में भी क्योटो जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री 1-3 सितंबर तक जापान की राजधानी टोक्यों में होंगे जहां जापानी सम्राट अकीहितो व प्रधानमंत्री एबी के साथ शिखर वार्ता के अलावा सरकार व अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से पहले बड़ी संख्या में भारतीय कॉरपोरेट जगत की नामचीन हस्तियां भी जापान जा रही हैं। जापान यात्रा में पीएम जापानी उद्योग जगत से भी मुलाकात करेंगे। दोनों पक्षों की कोशिश बीते साल 11 फीसद घटे भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार को फिर से बढ़ोतरी के रास्ते पर लाने की होगी।

रैंकोजी नहीं जाएंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी यूं तो जापान में पांच दिन रहेंगे लेकिन इस दौरे में अपने पूर्ववर्ती अटलबिहारी वाजपेयी की तरह जापान के उस रैंकोजी मंदिर में नहीं जाएंगे जहां कथित तौर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां रखी हैं।

उल्लेखनीय है कि 2001 में जापान दौरे में वाजपेयी रैंकोजी मंदिर भी गए थे।

वैसे तब तक नेताजी की मौत की जांच के लिए बने मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट नहीं आई थी। मई 2006 में संसद में रखी गई आयोग की रिपोर्ट ने 1945 के ताइपे विमान हादसे में बोस की मौत होने से इन्कार कर दिया था। हालांकि, सरकार ने आयोग की रिपोर्ट खारिज कर दी लेकिन इसके बाद हुई जापान यात्राओं में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रैंकोजी मंदिर नहीं गए।

"मेरे दिल में भारत का विशेष स्थान है। मैं इस सप्ताहांत आपके क्योटो आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। भारत के प्रधानमंत्री के रूप में आपकी पहली जापान यात्रा हमारी रणनीतिक साझीदारी में एक नया अध्याय जोड़ेगा।" - शिंजो एबी, प्रधानमंत्री, जापान

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