गीता की एक झलक पाने को उत्सुक थे लोगUpdated: Mon, 26 Oct 2015 08:43 PM (IST)

हवाईअड्डे पर मौजूद थे पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी।

गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का नजारा सामान्य दिनों के मुकाबले सोमवार को अलग था। भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन को लेकर हवाईअड्डे के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती थी।

हवाईअड्डे को आकर्षक तरीके से सजाया भी गया था। बड़ी संख्या में विदेशी मेहमानों के यहां पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही जारी था। वहीं हवाईअड्डे पर मौजूद लोगों की दिलचस्पी विदेशी मेहमानों के बजाय गीता की एक झलक पाने में थी।

गीता जिस फ्लाइट से आई वह अपने नियत समय से करीब आधा घंटा विलंब से पहुंची। इसके पूर्व ही यहां मीडिया का जमावड़ा लग चुका था। गीता की फ्लाइट पहुंचने से पहले उसके स्वागत की तैयारियां चल रही थीं।

पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों का दल कई गाड़ियों में सवार होकर हवाईअड्डे पहुंचा। एक गाड़ी में तो केवल गुलदस्ता था। पूछने पर उच्चायोग के एक कर्मचारी ने बताया कि यह गीता के स्वागत के लिए लाया गया है।

परिवार वालों ने कहा बदल गई है गीता

हवाईअड्डे पर गीता के स्वागत के लिए उमड़ी भीड़ में बिहार के सहरसा से आया वह महतो परिवार भी मौजूद था, जो गीता को अपने परिवार का सदस्य होने का दावा कर रहा है। गीता को अपनी छोटी बहन बताने वाले मनोज व विनोद ने बताया कि वे लोग तो उम्मीद छोड़ चुके थे, लेकिन देवी मां की कृपा है कि आज उनको अपनी बिछड़ी बहन मिल गई है।

मनोज के मुताबिक उसने अभी गीता की एक झलक मात्र देखी है। इसमें गीता कुछ बदली सी नजर आ रही है, लेकिन उसकी मासूमियत अभी भी पहले जैसी है। वहीं गीता को मौसी बताने वाली जसोदा देवी बताती हैं कि गीता मौसी का चेहरा पहले से बदला हुआ है।

वह अब दुबली हो गई हैं। महतो परिवार के लोग गीता के स्वागत के लिए माला लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें इस बात का मलाल है कि गीता का स्वागत करने का उन्हें मौका नहीं मिला।

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