इस तरह खुल सकता है पद्मनाभस्‍वामी मंदिर का रहस्‍यमयी सातवां द्वारUpdated: Sat, 27 Aug 2016 01:12 PM (IST)

अगर ये कहें कि यह विश्‍व का सबसे अमीर मंदिर है तो गलत नहीं होगा।

तिरुवनन्तपुरम। भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल ऐतिहासिक पद्मनाभस्‍वामी मंदिर तिरुवनंतपुरम के पर्यटन स्थलों में से एक है। इस मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति विराजमान है जिसे देखने के लिए रोजाना हजारों भक्त दूर-दूर से यहां आते हैं। इस प्रतिमा में भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं। लेकिन यह मंदिर ढेरों रहस्‍यों से भरा पड़ा है। अगर ये कहें कि यह विश्‍व का सबसे अमीर मंदिर है तो गलत नहीं होगा।

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संपत्ति और रहस्य को देखते हुए कई लोगों ने इसके द्वारों को खोलने की मांग की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्‍वीकार कर लिया था। 7 सदस्यों की निगरानी में अब तक 6 द्वार खोले जा चुके हैं, जिनसे करीब 1,32,000 करोड़ के सोने और जेवरात मिले। लेकिन सबसे दिलचस्प बात सातवें गेट की है। ये अभी तक पूरी दुनिया के लिए रहस्य बना हुआ है, जिसे अभी तक खोला जाना है। इस सातवें गेट पर कोई कुंडी नहीं लगी है बल्‍ि‍क गेट पर दो सांपों के प्रतिबिंब लगे हुए हैं, जो इस द्वार की रक्षा करते हैं। इस गेट को खोलने के लिए किसी कुंजी की जरूरत नहीं पड़ती है, इसे मंत्रोच्चारण की मदद से ही खोल सकते हैं।

लेकिन खास बात यह है कि आज भी यह विरोधाभास बातें चल रही है कि इस गेट को कोई 16वीं सदी का सिद्ध पुरूष, योगी या फ‍िर कोई तपस्वी ही गरुड़ मंत्र की मदद से खोल सकता है। गरुड़ मंत्र का स्पष्ट तरीके से उच्चारण करने वाला सिद्ध पुरुष ही इस गेट को खोल पाएगा। अगर उच्चारण सही से नहीं किया गया, तो उसकी मृत्यु हो जाती है। अभी हाल में याचिकाकर्ता की संदिग्ध अवस्था में मृत्यु हो गई।

90 साल के त्रावणकोर राजपरिवार के प्रमुख तिरुनल मार्तंड वर्मा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि सातवें द्वार के खुलने का मतलब देश में प्रलय आना है। हमारी कोशिश है कि इसे रहस्य ही रहने दिया जाए।

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