जानिए सप्ताह में क्यों होते हैं 7 ही दिन और कैसे रखे जाते हैं महीनों के नामUpdated: Sat, 31 Dec 2016 06:07 PM (IST)

दरअसल, ज्योतिष में ग्रहों की संख्या नौ शनि, बृहस्पति, मंगल, शुक्र, बुध, चंद्र, सूर्य, राहू और केतु माना गया है।

मल्टीमीडिया डेस्क। हम सभी जानते हैं कि एक हफ्ते में सात दिन होते हैं। मगर, एक सवाल अक्सर मन में उठता है कि इन दिनों का नाम कैसे रखा गया और इसका निर्धारण कैसे किया गया। दरअसल, ज्योतिष में ग्रहों की संख्या नौ शनि, बृहस्पति, मंगल, शुक्र, बुध, चंद्र, सूर्य, राहू और केतु माना गया है।

इनमें से राहू और केतु को छाया ग्रह माना गया है। इसलिए इनका प्रभाव हमारे जीवन पर छाया के समान ही पड़ता है। बाकी के ग्रहों को नग्न आंखों से देखा जा सकता है। इसलिए राहू और केतु को छोड़कर सप्ताह में सात दिनों को निर्धारित किया गया।

ऐसे तय किया गया दिन का नाम

समस्या यह थी कि किस ग्रह का दिन कौन सा माना जाए, तो ज्योतिषियों ने होरा के उदित होने के अनुसार दिनों को बांटा। एक दिन में 24 होरा होती है। हर होरा एक घंटे की होती है। दिन उदित होने के साथ जिस ग्रह की पहली होरा होती है। वह दिन उसी ग्रह का माना जाता है।

जैसे - सोमवार को दिन की शुरुआत चंद्र की होरा के साथ होता है इसीलिए उसे सोमवार नाम दिया गया। मंगलवार के दिन पहली होरा मंगल की होती है, इसीलिए उसे मंगलवार कहते है। इसी तरह बाकी दिनों के नाम का निर्धारण किया गया इसीलिए सप्ताह में सात दिन होते हैं।

महीनों के नाम रोमन सभ्यता के आधार पर रखे गए

अंग्रेजी महीनों (जनवरी, फरवरी, मार्च...) के नाम रोमन सभ्यता में उत्पत्ति के देव जानुस के आधार पर जनवरी माह का नाम रखा गया है, जबकि फरवरी का नाम फेबरुसस के सम्मान में। ठीक इसी प्रकार मार्च का नाम मार्स के लिए जबकि अप्रैल अफ्रोडाइट के आधार पर रखा गया है।

मई का नाम माया पर रखा गया है और जून जूनों से प्रेरित है। जुलाई का महीना जूलियस सीजर और अगस्त माह अगस्टस सीजर के नाम पर रखा गया है।

सितंबर का नाम लेटिन भाषा के सेवन शब्द से लिया गया है, जबकि अक्टूबर लैटिन के एट, नवंबर का नाम नाइन से और दिसंबर का नाम इसी भाषा के टेन से प्रेरित है।

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