केरल के मंदिरों में संघ की शाखाओं पर पाबंदी की तैयारीUpdated: Fri, 09 Sep 2016 12:27 PM (IST)

केरल की सीपीएम सरकार जल्द ही मंदिरों में संघ की शाखाओं और प्रशिक्षण पर पाबंदी लगाने की तैयारी कर रही है।

तिरुवंतपुरम। केरल की सीपीएम सरकार जल्द ही मंदिरों में संघ की शाखाओं और प्रशिक्षण पर पाबंदी लगाने की तैयारी कर रही है। केरल में मंदिरों की देखरेख करने वाले देवास्वोम विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, यदि यह लागू हो जाता है तो मंदिर परिसरों में संघ की शाखाएं नहीं लगाई जा सकेंगी। प्रस्तावित कानून के अनुसार संघ को किसी भी निजी परिसर में शाखा लगाने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना देनी होगी।

सीपीएम नेता और देवास्वोम मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शाखाओं की आड़ में मंदिरों में हथियार छिपाने और उग्र प्रशिक्षण देने का काम कर रहा है। सुरेंद्रन ने कहा कि मंदिरों में गैरकानूनी गतिविधियां संचालित होना श्रद्धालुओं के साथ अन्याय है। इधर त्रावणकोर देवास्मोन बोर्ड के अध्यक्ष प्रयार गोपालकृष्णन ने कहा कि अभी तक मंदिरों में हथियारों के प्रशिक्षण की कोई शिकायत नहीं मिली है।

वहीं केरल में संघ के प्रांत कार्यवाहक गोपालन कुट्टी मास्टर ने प्रस्तावित मसौदे का विरोध करते हुए कहा कि मंदिरों में संघ की शाखाओं के खिलाफ यदि कोई शिकायत हुई है तो सरकार को उसे बताना चाहिए। हम मंदिरों में हथियारों का प्रशिक्षण नहीं देते हैं। साथ ही केरल भाजपा के महासचिव के.सुरेंद्रन ने भी कहा कि संघ की शाखाएं सरकारी खैरात पर नहीं चलती है।

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केरल की वामपंथी सरकार ने ये फैसला तब लिया है, जब बीते कुछ समय से राज्य में संघ का प्रभाव बढ़ा है। संघ परिवार ने हाल ही यहां कुछ खस्ताहाल मंदिरों और पारंपरिक पवित्र गुफाओं का जीर्णोधार भी कराया है। सूत्रों के अनुसार बीते तीन साल पहले केरल में संघ की करीब 4000 इकाइयां थी, बल्कि इस समय करीब 5500 ईकाइयां काम कर रही है।

राज्य में बढ़ते जनाधार कारण सत्तारुढ़ सीपीएम कार्यकर्ताओं और भाजपा समर्थकों की बीच बीते कुछ समय में कई बार हिंसक झड़पें भी हुई हैं।

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