जस्टिस कर्नन सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्थगित कराने राष्ट्रपति की शरण मेंUpdated: Thu, 18 May 2017 11:59 PM (IST)

अदालत की अवमानना के मामले में कर्नन की छह माह की जेल की सजा को स्थगित करने के लिए राष्ट्रपति से अपील की गई है।

नई दिल्ली। कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस सीएस कर्नन के वकीलों ने दावा किया है कि अदालत की अवमानना के मामले में कर्नन की छह माह की जेल की सजा को स्थगित करने के लिए राष्ट्रपति से अपील की गई है।

हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि वह ऐसे किसी प्रतिनिधित्व से वाकिफ नहीं हैं।

कर्नन के वकीलों ने गुरुवार को एक ज्ञापन के जरिए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत ई-मेल भेजकर जस्टिस कर्नन की सजा को स्थगित करने या खारिज करने की अपील राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से की गयी है।

उन्होंने बताया कि अनुच्छेद-72 में राष्ट्रपति से माफी के लिए अपील करने के साथ ही, सजा का स्थगन या रद करने संबंधी कानूनी उपाय अपनाया जा सकता है।

यह माफी किसी भी किस्म के अपराध से लेकर किन्ही भी हालात में मिल सकती है। राष्ट्रपति के समक्ष जस्टिस कर्नन के वकीलों मैथ्यू जे.नेदुम्पारा और एसी फिलिप ने अपील का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर के नेतृत्व सात जजों की खंडपीठ की सुनाई सजा के खिलाफ अपील की है।

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