हिंदी भाषा में बढ़ गए हैं रोजगार, जानिए कहां-कहां हैं संभावनाएंUpdated: Wed, 13 Sep 2017 09:20 AM (IST)

अब हिंदी केवल राजभाषा तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी जगह बना रही है।

सोनल शर्मा। हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है और आमतौर पर इस दिन ही हिंदी भाषा की महत्ता, इसकी पहुंच, इसके सम्मान आदि को लेकर बात होती है। कोई दो राय नहीं कि हिंदी की लोकप्रियता दुनियाभर में बढ़ी है और इसके क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

यानी अब हिंदी केवल राजभाषा तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी जगह बना रही है। आइए जानते हैं हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ हो तो कहां-कहां आपको मौका मिल सकता है और आप अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।

हिंदी अधिकारी - विभिन्न बैंक राजभाषा अधिकारी की नियुक्ति करते हैं। हिंदी भाषा अधिनियम का प्रावधान है कि सभी संस्थानों में हिंदी अधिकारी की नियुक्ति होगी। भारत सरकार व निजी संस्थानों में हिंदी अधिकारी के रूप में काम करने का अवसर मिल सकता है। देश-विदेश के सरकारी संस्थानों में हिंदी सलाहकार के रूप में भी नियुक्ति हो सकती है।

अनुवादक व द्विभाषिया- प्रिंट मीडिया सहित कई सरकारी विभागों में अनुवादक व हिंदी लेखक के रूप में मौके उपलब्ध हैं। कई संस्थान अनुवादकों को कॉन्ट्रैक्ट आधार पर रोजगार देते हैं। अंग्रेजी या अन्य विदेशी भाषाओं में अपना लेख लिखने वाले जानेमाने अंतर्राष्ट्रीय लेखकों के लेख का अनुवाद हिंदी में किया जाता है। हिंदी/अंग्रेजी में फिल्मों, विज्ञापनों की लिपियों का अनुवाद भी ऐसा ही काम है। इसी तरह द्विभाषी दक्षता के साथ कोई भी फ्रीलान्स अनुवादक के रूप में काम कर सकता है और अपनी ट्रांसलेशन कंपनी भी खोल सकता है।

मीडिय- टीवी और रेडियो चैनल्स और पत्रिकाओं/समाचार पत्रों के हिंदी संस्करणों में हुई बढ़ोतरी के कारण इन क्षेत्रों में भी नौकरियों के अवसर कई गुना बढ़े हैं। हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में संपादकों, पत्रकारों, संवाददाताओं, उप संपादक, प्रूफ रीडर, रेडियो जॉकी, एंकर आदि की आवश्यकता होती है। इन लोगों का अधिकांश कार्य हिंदी में होता है। हिंदी में शैक्षणिक योग्यता रखने के साथ-साथ पत्रकारिता/जनसंचार में डिग्री/डिप्लोमा की योग्यता के साथ एक से अधिक स्थानों पर नौकरी का अवसर पा सकते हैं।

फ्रीलांसिंग व स्क्रिप्ट राइटिंग- फिल्मों, धारावाहिकों और विज्ञापन कंपनियों में स्क्रिप्ट राइटर्स की मांग कम नहीं है। प्रिंट मीडिया में भी क्रिएटिव व तकनीकी लेखकों की जरूरत बनी रहती है।

टीचिंग- टीचिंग का प्रोफेशन तो सदाबहार है। देश के प्रमुख स्कूल-कॉलेजों में नर्सरी से लेकर पीजी लेवल तक टीचिंग का स्कोप है, जबकि विदेशी संस्थानों में भी हिंदी अध्यापकों की नियुक्ति होती है। हिंदी से बीए व बीएड करने के बाद स्कूलों में हिंदी अध्यापक की नौकरी मिल जाती है। कॉलेज के स्तर पर अध्यापन करने वाले छात्रों को एमए के बाद एमफिल और पीएचडी करने के बाद कॉलेज में प्रवक्ता का पद मिल सकता है। पीएचडी होल्डर कॉलेज व विश्वविद्यालय स्तर पर देश में कहीं भी लेक्चरर की नौकरी पा सकते हैं। अध्यापन के लंबे अनुभव पर वे रीडर व प्रोफेसर भी बन सकते हैं।

इंटरनेट- आज हिंदी की कई वेबसाइट उपलब्ध हैं। विभिन्न हिंदी पत्र-पत्रिकाओं के पोर्टल एवं ब्लॉग भी इंटरनेट पर हैं। ऐसे में पोर्टल पर भी जॉब के अवसर उपलब्ध होने लगे हैं।

कॉल सेंटर-डोमेस्टिक कॉल सेटर्स में हिंदी के आधार पर भी नौकरी मिलने लगी है। टेलीकम्युनिकेशन में भी हिंदी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

सॉफ्टवेयर- हिंदी सॉफ्टवेयर्स की जरुरत के मद्देनजर अब हिंदी भाषी छात्रों को भी इस क्षेत्र में अच्छे अवसर मिल रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षा- हिंदी से स्नातक करने के बाद कई प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर बैंक, न्यायिक सेवा, सिविल सर्विस और स्टेट सर्विस के अलावा रेलवे व बैंक आदि में भी नौकरी के बेहतर अवसर हो सकते हैं।

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