जैश-ए-मुहम्मद बना सबसे बड़ा सिरदर्दUpdated: Thu, 01 Dec 2016 12:06 AM (IST)

इस काम के लिए पाकिस्तान की सेना और उसकी कुख्यात खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने कई वर्ष पहले तैयारी की थी।

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली

पठानकोट हमले से ठीक पहले भारतीय खुफिया एजेंसियों ने यह जानकारी मुहैया कराई थी कि आने वाले दिनों में आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद भारत के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन सकता है। पिछले एक वर्ष से नियंत्रण रेखा के करीबी सैन्य ठिकानों पर लगातार हो रहे हमलों ने खुफिया एजेंसियों की इस जानकारी को सही भी साबित किया है।

लेकिन जिस तैयारी के साथ जैश के आतंकी भारतीय सुरक्षा घेरे में खामियां निकाल रहे हैं, उससे सरकार की हर एजेंसी सकते में है। पठानकोट, उड़ी और अब नगरोटा में आतंकियों ने भारतीय सेना के परिसर में हमले के लिए तीन अलग-अलग तरीके इस्तेमाल किए। इनसे जैश की तैयारी और खतरनाक मंसूबों का पता चलता है।

गृह मंत्रालय से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्र कहते हैं, नगरोटा हमले को लेकर हमारे पास जो शुरुआती सूचनाएं आई थीं उनके मुताबिक इस बार लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का अनुमान था लेकिन अब यह पक्का हो गया है कि ये आतंकी जैश की उस टीम के हैं जिन्हें खास तौर पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए तैयार किया गया है।

इस काम के लिए पाकिस्तान की सेना और उसकी कुख्यात खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने कई वर्ष पहले तैयारी की थी। जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर की अगुआई में पाक-अफगान सीमा पर जैश के फिदायीन दल को विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है।

पठानकोट, उड़ी और नगरोटा तीनों सैन्य ठिकानों पर हमले में आतंकियों के इरादे अलग-अलग थे। पठानकोट में उन्होंने भारतीय वायुसेना के विमानों को नष्ट करने के मकसद से हमला किया था तो उड़ी में उनका सीधा मकसद ज्यादा से ज्यादा सैन्यकर्मियों को मारना था।

नगरोटा में उनके निशाने पर बड़े सैन्य अधिकारी थे। इस हमले में दो भारतीय मेजर शहीद हुए हैं। भारतीय अधिकारियों को शक है कि जैश के आतंकी जिस सटीक तरीके से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में सफल हो रहे हैं उससे लगता है कि उन्होंने इनके बारे में सूचना हासिल करने का भी नेटवर्क बना लिया है।

जब से भारत और अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नकेल कसनी शुरू की है तभी से पाकिस्तानी सेना और आइएसआइ ने जैश पर दांव लगाना शुरू किया है। यही वजह है कि जैश के मुखिया अजहर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की भारत की हर कोशिश को पाकिस्तान असफल बनाने में लगा रहता है।

इसके लिए वह चीन का भी लगातार सहयोग ले रहा है। पठानकोट हमले में जैश की भूमिका के ठोस सुबूत देने के बावजूद पाकिस्तान शुरू में उस पर कार्रवाई करने का दिखावा करता रहा लेकिन अब फिर से मसूद अजहर खुलेआम भारत विरोधी रैलियां कर रहा है।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.