सुषमा स्‍वराज ने कहा अमेरिका में भारतीयों पर हमले पर चुप नहीं बैठेंगेUpdated: Wed, 15 Mar 2017 08:28 PM (IST)

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका में भारतीयों पर हुए हमले पर लोकसभा में बयान देते हुए भारत सरकार के रुख को सामने रखा।

नई दिल्ली। अमेरिका में पिछले कुछ दिनों के दौरान भारतीयों पर हमले की कई घटनाओं को भारत सरकार ने काफी गंभीरता से लिया लेकिन इसके लिए वह सरकार, संस्थान या अमेरिकी जनता को दोषी नहीं मानती बल्कि मुठ्ठी भर लोगों को इसका जिम्मेदार ठहराया है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका में भारतीयों पर हुए हमले पर लोकसभा में बयान देते हुए भारत सरकार के रुख को सामने रखा। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिया है कि जब भी बाहर किसी भारतीय पर संकट आएगा तो सरकार चुप नहीं बैठेगी। अमेरिका में हुए हमले को भी वहां की सरकार के साथ उच्च स्तर पर उठाया गया है और आगे भी इसे उठाया जाएगा।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पिछले तीन महीने से स्वास्थ्य लाभ ले रही विदेश मंत्री स्वराज बुधवार को संसद पहुंचीं तो लोकसभा में सत्ता व विपक्षी सांसदों के अलावा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

विपक्ष की तरफ से लगातार सरकार से अमेरिका में भारतीयों पर हुए हमले पर बयान की मांग की जा रही थी। लिहाजा, आते ही स्वराज ने कहा, 'अगर कोई यह कहता है कि हम चुप बैठे हुए हैं तो यह पूरी तरह से गलत है। हम हमेशा जितनी उम्मीद होती है उससे ज्यादा काम करने की कोशिश करते हैं।

जब मैं स्वास्थ्य लाभ ले रही थी तब भी पूरे मामले की समीक्षा कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी भी चुनाव प्रचार के बावजूद रोजाना मुझसे विदेश मंत्रालय के स्तर पर हो रही कार्रवाई के बारे में जानकारी मांग रहे थे। यह बात जिन लोगों पर हमला हुआ है उनके परिवार के लोग भी स्वीकार करते हैं।'

स्वराज ने कांग्र्रेस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण से लेकर होमलैंड सिक्योरिटी के सचिव जॉन कैली के बयान और कंसास के गवर्नर की तरफ से पीएम मोदी को लिखे पत्र का जिक्र किया और कहा कि हर किसी ने भारतीयों पर हुए हिंसक हमले की निंदा की है।

कंसास में हुई गोलीबारी में भारतीयों को बचाने में एक अमेरिकी नागरिक ईयान ग्र्रीलॉट भी घायल हुआ। पूरी संसद ने ग्र्रीलॉट के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। इसके बाद स्वराज ने कहा कि यह घटना पूरे अमेरिका के नागरिकों की भारत के प्रति वास्तविक संवेदना को नही दर्शाती है।

स्वराज ने अंत में सदन व सांसदों को यह आश्वस्त कराया कि विदेशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमेरिकी सरकार के साथ भी लगातार बात हो रही है। सरकार आगे भी सतर्क रहेगी।

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