हिन्दी के शिक्षक जांच रहे गणित की कॉपि‍यांUpdated: Mon, 06 Apr 2015 01:21 PM (IST)

बोर्ड परिक्षाओं में गणित जैसे विषय की कॉपी जांचने के लिए हिंदी के शिक्षकों को जिम्‍मेदारी दी गई है।

आगरा। उत्‍तर प्रदेश में हाल ही में सम्‍पन्‍न हुई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांचने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार बोर्ड परिक्षाओं में गणित जैसे विषय की कॉपी जांचने के लिए हिंदी के शिक्षकों को जिम्‍मेदारी दी गई है। मामले में शिक्षक अब लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।

उप्र के माध्‍यमिक शिक्षा संघ के प्रदेश अध्‍यक्ष आर पी मिश्रा ने प्रदेश सरकार को इस मामले में एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में राजधानी में इस तरह के एक दर्जन से ज्‍यादा मामलों के बारे में बताया गया है जिसमें शिक्षक उन विषयों की कॉपियां जांच रहे हैं जिसे उन्‍होंने कभी पढ़ाया ही नहीं है। इसी तरह के मामले मैनपुरी और फिरोजाबाद में भी सामने आए हैं।

मिश्रा के अनुसार, हिंदी शिक्षक गणित की कॉपियां जांच रहे हैं। अगर बोर्ड ने गलती से राजधानी के एक ही स्‍कूल के 9 शिक्षकों को गलत विषय जांचने के लिए दे दिए हैं तो फिर पूरे प्रदेश में क्‍या स्थिति होगी। मामला सामने आने के बाद लगभग 45 हजार शिक्षकों ने मुल्‍यांकन के काम का व‍िरोध किया है।

गौरतलब है कि, उप्र बोर्ड परीक्षा के मुल्‍यांकन के अंतर्गत अगले दो सप्‍ताह में लगभग 1.40 करोड़ कॉपियां जांची जानी है जिसके लिए 1.05 लाख शिक्षकों को जिम्‍मेदारी दी गई है लेकिन उसमें से एक बड़े हिस्‍से ने इसका विरोध कर दिया है। पूरे मामले में प्राचार्यों की एक यूनियन भी शिक्षकों के समर्थन में उतर आई है। इसके बाद सभी मुल्‍यांकन केन्‍द्रो पर भारी सुरक्षाबल तैनात कर दिया गया है।

मिश्रा के आरोपों को नकारते हुए बोर्ड सचिव अमरनाथ वर्मा ने कहा है कि, ऐसा कोई भी मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। हालांकि, उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी कोई स्थिति बन रही है तो जिम्‍मेदार स्‍कूलों ने संबंधित जिला इंस्‍पेक्‍टर को सूचना देनी चाहिए ताकि जरूरी कदम उठाए जा सकें।

वर्मा के अनुसार, यह जिले के स्‍कूल इंस्‍पेक्‍टर की जिम्‍मेदारी है कि परीक्षा और मुल्‍यांकन का काम बिना किसी समस्‍या के हो पाए।

वर्मा के अनुसार, इंस्‍पेक्‍टर हमें मुल्‍यांकन करने वाले शिक्षकों के नाम की अनुमोदन लिस्‍ट भेजते हैं जिसके बाद बोर्ड उन शिक्षकों के दी गई जानाकरी के अनुसार विषय का आवंटन करता है। अगर किसी मामले में शिक्षकों को गलत विषय की कॉपी दे दी गई है तो स्‍कूल द्वारा इसकी सूचना जिला इंस्‍पेक्‍टर को देनी चाहिए।

वर्मा की बात का समर्थन करते हुए मैनपुरी के जिला इंस्‍पेक्‍टर आर पी यादव ने कहा है कि, जिन केन्‍द्रों पर इस तरह की घटनाएं सामने आई है वहां शिक्षकों से एक फार्म भरवा सकते हैं जिसमें बोर्ड द्वारा दिए गए विषय और सहीं विषय की जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद उन्‍हें उनकी विशेषज्ञता के विषय की कॉपी प्रदान की जाएगी।

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