सरकार ने किया साफ, GST के बाद संशोधित MRP दर्ज करना जरूरीUpdated: Tue, 04 Jul 2017 04:28 PM (IST)

जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स में बदलाव के चलते विक्रेता पहले से पैक सामान की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) में संशोधन कर सकते हैं।

नई दिल्ली। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स में बदलाव के चलते विक्रेता पहले से पैक सामान की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) में संशोधन कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए नए मूल्यों के स्टिकर के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। यह चिट इस तरह से लगाना होगा कि नई और पुरानी कीमत दोनों दिखाई दे। उद्योग जगत को इसकी मोहलत सिर्फ अगले तीन महीनों तक ही है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने उत्पादों पर संशोधित एमआरपी दर्ज करना जरूरी बताया है। उन्होंने चेताया हैकि ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ जीएसटी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। पैकेज्ड कमोडिटी रूल्स में ढील देते हुए उद्योग क्षेत्र को 30 सितंबर तक अपने उत्पादों पर जीएसटी के तहत बदली दरों के आधार पर एमआरपी दर्ज करने की अनुमति दी गई है। इसके चलते व्यापारियों व कंपनियों को 30 सितंबर तक चिट लगाकर दामों में बदलाव करने की छूट मिल गई है।

अधिसूचना के मुताबिक अगर दाम पहले से दर्ज एमआरपी से अधिक होगा तो निर्माता या आयात करने वाले को दो अखबारों में विज्ञापन देना होगा। इसके बाद पैकेट पर संशोधित कीमत का स्टिकर चिपका सकते हैं। मूल्य घटने पर विज्ञापन नहीं देना होगा, लेकिन संशोधित कीमत की चिट अलग से लिखनी होगी। तीस सितंबर के बाद पहले से पैक सामान पर जीएसटी रेट प्रिंट करना होगा। कीमत घटने पर भी स्टिकर लगाया जा सकता है। किसी भी सामान की एमआरपी में सभी टैक्स शामिल होंगे।

कारोबारियों और फर्मों ने केंद्र से अनुरोध किया था कि उनके पास भारी मात्रा में न बिके माल का भारी स्टॉक जमा है। इस पर जीएसटी लागू होने से पहले की कीमतें दर्ज हैं। नई कर प्रणाली के लागू होने के बाद कई सामानों पर टैक्स दरें बदल गई हैं। इसकी वजह से इनकी कीमत बढ़ानी या घटानी पड़ेगी। पासवान ने एक ट्वीट में कहा है कि इसी मकसद से उद्योग जगत को तीन महीने का समय दिया गया है।

पासवान ने अपने संदेश में कहा है कि नए एमआरपी में बढ़े हुए मूल्यों के आधार के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी होगी, ताकि उपभोक्ता जीएसटी के प्रभावों के प्रति जागरूक हो सके। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि जिन उत्पादों के मूल्य में वृद्धि की संभावना थी, उनकी कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी हो गई। लेकिन उन उत्पादों के दाम में कटौती नहीं की गई, जिन पर जीएसटी दरें रखी गई गई हैं।

सरकार रख रही कीमतों पर नजर : अढिया

राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने जीएसटी के बाद दामों और आपूर्ति की स्थिति पर केंद्र की कड़ी नजर है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार किसी को भी कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी करने या आपूर्ति में बाधा डालने की किसी को इजाजत नहीं देगी। हम चाहते हैं कि व्यापारी और उद्योग वस्तुओं के दाम घटाने के मामले में सरकार के मददगार बनें, ताकि मुनाफाखोरी रोकने वाले कदम नहीं

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