सीएम योगी ने कहा- गोरखपुर कांड के गुनाहगारों को बख्शा नहीं जाएगाUpdated: Sat, 12 Aug 2017 07:57 PM (IST)

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में मेडिकल कॉलज में मरीजौ की इस तरह हुई मौत का मामला बहुत संवेदनशील है।

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में मेडिकल कॉलज में मरीजौ की इस तरह हुई मौत का मामला बहुत संवेदनशील है। इंसेफेलाइटिस ने निपटना बड़ी चुनौती है। इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और गुनाहगारों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 48 मौतों के बाद सरकार ताबड़तोड़ कदम उठा रही है। मेडिकल कॉलेज में 6 दिनों में 60 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। सरकार ने अस्पताल के प्रिसिंपल को सस्पेंड कर दिया है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि मीडिया को इस तरह के संवेदनशील मामले में सही आंकड़ें प्रकाशित करना चाहिए, यह मौतें अलग-अलग दिन हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्‍स की वजह से प्रधानमंत्री चिंतित हैं और उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने इस मामले पर निगाह रखने के लिए मंत्रियों की टीम भी भेजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री मंत्री अनुप्रिया पटेल और स्वास्थ्य सचिव को गोरखपुर भेजा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, मैंने खुद दो बार मेडिकल कॉलेज का दौरा किया, लेकिन मुझे किसी ने भी ऑक्सीजन की कमी की बात नहीं बताई। ऑक्सीजन की कमी से मौत जघन्य कृत्य है। इस मामले में सप्लायर की भूमिका की जांच की जाएगी। अस्पताल में आपात सेवा रुकनी नहीं चाहिए। इस पूरे मामले में ऑक्सीजन सप्लायर की भूमिका की जांच के लिए चीफ सचिव की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है। प्रिंसिपल को निलंबित किया गया है। मेरी संवेदना उन सभी परिवारों के साथ है जिन्होंने इस हादसे में अपने बच्चों को गंवाया है।

ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं: स्वास्थ्य मंत्री

उत्तरप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिर्द्धानाथ सिंह ने कहा कि गोररखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज में मरीजौं की मौत अलग-अलग कारणों से हुई। वैसे भी अगस्त के महीने में बच्चों के वार्ड में मौतें तो होती ही हैं।

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