गोरखपुर हादसा: भावुक हुए CM योगी, बोले - ऐसी कार्रवाई करेंगे, जो मिसाल बनेगीUpdated: Sun, 13 Aug 2017 03:33 PM (IST)

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए इंसेफ्लाइटिस वार्ड के प्रभारी डॉ. कफील खान को पद से हटा दिया है।

लखनऊ : बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के तीसरे दिन रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा गोरखपुर पहुंचे। अस्पताल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि मिसाल बनेगी।

भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की मौत दुखद है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गोरखपुर में 85 करोड़ की लागत से रीजनल वायरोलॉजी रिसर्च सेंटर की घोषणा की।

इस बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए इंसेफ्लाइटिस वार्ड के प्रभारी डॉ. कफील खान को पद से हटा दिया है और उनकी जगह डॉ. भूपेंद्र शर्मा को नियुक्त किया गया है। अंबेडकरनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके सिंह को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रविवार को राज्य के बाढ़ग्र्रस्त क्षेत्रों का दौरा करना था। उसे रद करके वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ गोरखपुर पहुंचे। उनके साथ राज्य के मुख्य सचिव राजीव कुमार भी थे। इंसेफ्लाइटिस वार्ड का निरीक्षण और अधिकारियों के साथ बैठक करके उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली।

इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चिंतित हैं, इसीलिए स्वास्थ्य मंत्री को भेजा है। उन्होंने राज्य सरकार को हर तरह की मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री ने पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए दिल्ली से उच्च स्तरीय चिकित्सकों की टीम भी यहां भेजी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गोरखपुर में रीजनल वायरोलॉजी रिसर्च सेंटर की स्थापना होगी। इसके लिए 85 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

भावुक हुए योगी

पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो गए। कहा कि उन्होंने सड़क से संसद तक इंसेफ्लाइटिस को लेकर जंग लड़ी है। इसीलिए बार-बार गोरखपुर आते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस अस्पताल में चौथी बार आया हूं। नौ अगस्त को भी उन्होंने अस्पताल का दौरा किया था और उच्चस्तरीय बैठक की थी जिसमें बड़े डॉक्टर और अधिकारी शामिल थे।

विपक्ष पर पलटवार, मीडिया को नसीहत

गृह जिले से मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर पलटवार किया और कहा कि विपक्ष इस संवेदनशील घटना पर राजनीति कर रहा है। कांग्रेस की संवेदना मर चुकी है। वह राजनीति कर रही है और हम समस्या का समाधान करना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया को भी नसीहत दी और कहा कि उन्हें तथ्यपरक रिपोर्टिंग करनी चाहिए। बाहर से रिपोर्टिंग न करें, बल्कि वार्ड में जाइए। पत्रकारों को वार्ड तक जाकर देखने की सुविधा दूंगा। वे खुद देख लें कि हमने क्या व्यवस्था की है। मेरी चिंता स्वाइन फ्लू, चिकनगुनिया और कालाजार पर भी है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के महानिदेशक और जिलाधिकारी से कहा कि पत्रकारों को वहां ले जाएं। मैं आपको इसकी सुविधा दे रहा हूं।

अटपटी-चटपटी

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.