पहली से पांचवी तक कथात्मक रूप में पढ़ाई जाएगी गीताUpdated: Sun, 27 Sep 2015 10:21 PM (IST)

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में भगवत गीता पढ़ाए जाने के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में भगवत गीता पढ़ाए जाने के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा चुका है। गीता पहली से पांचवी कक्षा तक कहानी अथवा लेख के रूप में पढ़ाई जाएगी। इन कक्षाओं में संस्कृत विषय नहीं होने के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है।

कक्षा 6 से 12 तक के लिए गीता श्लोक के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल होगी। सरकार ने कालेजों में भी गीता पढ़ाने का दावा किया है लेकिन, अभी तक इस दिशा में ठोस काम नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पृष्ठभूमि के दीनानाथ बतरा के हरियाणा दौरे के बाद गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने के प्रयासों में एकाएक तेजी आई है।

गुजरात में दीना नाथ बतरा की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं। हरियाणा में भी उनकी पांच पुस्तकें पढ़ाई जानी हैं जो नैतिक शिक्षा पर आधारित होंगी। शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चंडीगढ़ में दीनानाथ बतरा के साथ स्कूली पाठ्यक्रम को संस्कारवान बनाने के तमाम पहलुओं पर लंबी चर्चा की। सरकार बनने के बाद भाजपा ने गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही थी लेकिन इसे पढ़ाने के तरीके पर असमंजस बना हुआ था।

शिक्षा विभाग और एससीईआरटी के अधिकारियों के बीच कोई चर्चा के बाद गीता को पढ़ाने के पैटर्न पर राय बना ली गई है। प्रदेश में पाठ्य पुस्तकों की छपाई के निर्देश अमूमन सितंबर माह के अंत तक दिए जाते हैं। एससीईआरटी गीता का सिलेबस छपाई के लिए भेजने का काम करने वाला है। माना जा रहा है कि अगले शिक्षा सत्र से सरकारी स्कूलों में गीता पढ़ाने का काम चालू हो जाएगा।

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