यूपीएससी में इरा सिंघल ने किया टॉपUpdated: Sat, 04 Jul 2015 07:24 PM (IST)

31 साल की इरा ने सामान्य वर्ग में किया टॉप, इरा की रीढ़ की हड्डी में समस्या है। यह उनका छठा प्रयास था।

नई दिल्ली। दिल्ली की भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की विकलांग अधिकारी इरा सिंघल, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठित सिविल सर्विस परीक्षा में देश में अव्वल रही हैं। इस परीक्षा से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफल उम्मीदवारों को बधाई दी है।

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शनिवार को घोषित परिणामों में टॉप 4 स्थानों पर महिलाओं ने जगह बनाई है। 31 साल की इरा ने सामान्य वर्ग में टॉप किया है। दिल्ली में पढ़ीं केरल की डॉक्टर रेणु राज दूसरे और दिल्ली की ही आईआरएस अधिकारी निधि गुप्ता तीसरे स्थान पर रही हैं। दिल्ली की ही वंदना राव चौथे स्थान पर रही हैं। आईआरएस अधिकारी सुहर्ष भगत पांचवे स्थान पर रहे।

केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं के लिए कुल 1236 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमें 590 सामान्य श्रेणी, 354 ओबीसी, 194 एससी और 98 एसटी श्रेणी के हैं।

इरा विकलांग पर हौसलों से भरी उड़ान

इरा ने कहा, "मैं परिणामों से बेहद खुश हूं। मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा। मैंने केवल परीक्षा की तैयारी की। मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी। मैं विकलांगों के लिए कुछ करना चाहती हूं।" इरा की रीढ़ की हड्डी में समस्या है। यह उनका छठा प्रयास था।

उनका पिछले साल भी चयन हुआ लेकिन विकलांग होने से राजस्व सेवा में नहीं लिया गया। तब उन्हें सेंट्र्‌ल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल जाना पड़ा वहां जीतने पर उन्हें राजस्व सेवा का प्रस्ताव मिला था। इरा अच्छा ज्योतिष जानती हैं और टेरो कार्ड रीडर के साथ हस्तरेखा भी देख लेती हैं। इसके अलावा वे कोरियोग्राफी भी करती हैं।

पहले ही प्रयास में मिली सफलता

दूसरे स्थान पर रहीं रही रेणु राज (27) ने पहले ही प्रयास में देश में दूसरा स्थान बनाया। केरल के कोलाम में एक अस्पताल में सेवा दे रही कोट्टायम की रहने वाली डॉक्टर रेणु ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं। मैं पिछले एक साल से दिल्ली में तैयारी कर रही थी।" उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि धीरज से ही सफलता पाई जा सकती है।

गर्व का मौका

तीसरे स्थान पर रहीं निधि ने कहा, "मेरे लिए चयनित होना गर्व का विषय है। मैंने कड़ी मेहनत की और अंततः उसका परिणाम निकला।" निधि वर्तमान में कस्टम्स और सेंट्रल एक्साइज में असिस्टेंट कमिश्नर हैं।

कड़ी मेहनत का परिणाम

चौथे स्थान पर रहीं वंदना राव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में टॉपर हैं। उन्होंने कहा, "जैसे ही मुझे परिणाम पता लगा, मैंने लोगों से कहा कि एक बार फिर चेक करें कि क्या मैंने ही परीक्षा पास की है। यह बहुत ही खुश करने वाला अचरज है। यह कड़ी मेहनत का परिणाम है।"

वंदना ने 2012 में ही स्नातक किया है और अब आईएएस अधिकारी होंगी। वंदना ने कहा, "मैं आईएएस अधिकारी ही बनना चाहती थी क्योंकि इसके द्वारा आप देश को कुछ ठोस दे सकते हैं।" ये उनकी तीसरा प्रयास था।

हर बार हुआ चयन

सुहर्ष भगत बिहार से हैं, उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में बी. टेक किया है। उनका 2011 में भारतीय ऑडिट एंड एकाउंट सेवा के लिए चयन हुआ था। 2012 में वे भारतीय सूचना सेवा में चयनित हुए। 2013 में भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुने गए और वर्तमान में नागपुर में पदस्थ हैं।

254 प्रतीक्षा सूची में कुल 1364 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया है। 254 उम्मीदवार प्रतीक्षा सूची में हैं। प्रारंभिक परीक्षा में कुल 9.45 उम्मीदवार शामिल हुए थे। पहली बार यूपीएससी ने इंटरव्यू समाप्त होने के चार दिन बाद ही परिणाम घोषित कर दिया।

पिछले साल हरिथा रही थीं टॉपर

पिछले साल दिल्ली की इंजीनियर हरिथा वी. कुमार ने टॉप किया था।

सिविल सेवा में गुजरात के 21 छात्र

भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा में गुजरात के 21 छात्रों ने बाजी मारी है। इनमें से कई छात्र ग्रामीण परिवेश से आते हैं। आईएएस ट्रेनिंग सेंटर ने बताया कि यूपीएससी वर्ष 2014 की परीक्षा में गुजरात के 21 छात्रों का चयन हुआ है।

गौरतलब है कि इस परीक्षा में गुजरात के ग्रामीण परिवेश सीहोर, गारियाधर जैसे इलाकों के छात्र भी चयनित हुए हैं। छात्र उत्सव भी सफल हुए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने बूढ़े व विकलांग माता-पिता को देते हैं जिन्होंने पढ़ाई व कॅरिअर के मामले में हमेशा उसका साथ दिया। उत्सव बताते हैं कि दुनिया की नजर में माता पिता भले असहाय हों लेकिन उनके लिए वे सबसे बड़ी शक्ति रहे हैं।

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