जस्टिस कर्नन के खिलाफ सर्वानुमति से लिया गया फैसला: SCUpdated: Fri, 12 May 2017 11:36 PM (IST)

शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को कहा कि उसके सात न्यायाधीशों ने एकमत से हाई कोर्ट के न्यायाधीश सीएस कर्नन को छह माह कैद की सजा सुनाई है।

नई दिल्ली। अवमानना मामले में छह महीने कैद की सजा पाए कलकत्ता हाई कोर्ट के जज जस्टिस सीएस कर्नन को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को कहा कि उसके सात न्यायाधीशों ने एकमत से हाई कोर्ट के न्यायाधीश को छह माह कैद की सजा सुनाई है।

मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, 'सातों जज विवेकपूर्ण फैसला करने के लिए जमा हुए थे।' तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई के लिए अन्य चार न्यायाधीशों के साथ बैठे मुख्य न्यायाधीश ने यह टिप्पणी की।

लंच के बाद तीन तलाक मामले पर सुनवाई शुरू होने से पहले जस्टिस कर्नन के वकील मैथ्यू जे. नेदुमपारा ने नौ मई का आदेश वापस लेने संबंधी अपील का जिक्र किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पीठ एक अलग मामले पर सुनवाई कर रही है। ऐसे में उन्हें इसका जिक्र नहीं करना चाहिए, बल्कि रजिस्ट्री के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए।

नेदुमपरा ने कहा, 'मैं केवल प्रधान न्यायाधीश को संबोधित कर रहा हूं। अर्जी जस्टिस कर्नन की सजा के निलंबन से संबंधित है।' इस पर मुख्य न्यायाधीश खेहर ने कहा, 'आप हर बार यहां क्यों आ रहे हैं? जाइए और इसे (याचिका की मूल प्रति) रजिस्ट्री को दीजिए। आप किसी भी प्रक्रिया को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। आप केवल अपना डंडा यहां चला रहे हैं। यह यहां काम नहीं करता।'

दिनभर की सुनवाई समाप्त होने के बाद वकील ने पीठ का ध्यान आकर्षित करने की एक और कोशिश की। लेकिन उनकी ओर ध्यान दिए बगैर पीठ उठ गई।

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