आरुषि मर्डर केस : हर कोई था बेचैन कि क्या आएगा फैसला, जाने कोर्टरुम का हालUpdated: Thu, 12 Oct 2017 09:51 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट की कोर्ट नंबर चालीस। आम दिनों में इस न्यायालय कक्ष की गतिविधि सामान्य रहती आई है, लेकिन आज का दिन खास है।

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाई कोर्ट की कोर्ट नंबर चालीस। आम दिनों में इस न्यायालय कक्ष की गतिविधि सामान्य रहती आई है, लेकिन गुरुवार को यहां कुछ खास घटित होने जा रहा था। इसलिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर की निगाहें जमी थीं।

घड़ी में जैसे ही दिन के दो बजे कोर्ट रूम की खामोशी एकाएक टूटने लगी। अधिवक्ताओं के कदम इसी न्याय कक्ष की ओर बढ़ चले। आरुषि-हेमराज हत्याकांड के फैसले को लेकर जहां तमाम लोग टीवी स्क्रीन से चिपके रहे, वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकीलों और तलवार दंपती के साथ उनके इष्ट मित्र बड़ी संख्या में जमा थे।

कोर्ट रूम की घड़ी की टिकटिक उनकी धड़कनें बढ़ा रही थी। फैसला सुनाने का समय वैसे दो बजे निर्धारित था, लेकिन सवा दो बजे जानकारी दी गई कि कोर्ट में पौने तीन बजे सुनवाई होगी। इंतजार की घड़ियों ने इसी सूचना के साथ लोगों को और भी बेचैन कर दिया। 2.40 बजे न्यायमूर्ति वीके नारायण और न्यायमूर्ति एके मिश्र कोर्ट में आकर बैठे। तब तक उनके वैयक्तिक सचिव निर्णय का लिफाफा लेकर नहीं आ सके थे।

इस बीच कोर्ट में मौजूद लोग इस फैसले को सुनने के लिए इतने बेचैन हो उठे कि एयर कंडीशनर चालू होने के बावजूद कई लोग पसीने-पसीने हो उठे। थोड़ी देर में निर्णय सुनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। न्यायाधीशों ने 250 पेज से अधिक के फैसले का सार पढ़ा।

फैसला सुनते ही कोर्ट में पीछे की पंक्ति में बैठे तलवार दंपती के पारिवारिक मित्रों की आंखें चमक उठीं और चेहरे खिल गए। इस निर्णय के बाद वकीलों और मीडिया कर्मियों के फोन घनघनाने लगे। फैसला सुनाकर कोर्ट जा चुकी थी। फिर कोई हंसते चेहरे के साथ बाहर निकला तो किसी का चेहरा उदास था।

कोर्ट के बाहर सुबह से ही मीडिया का बड़ा जमावड़ा रहा। इसको देखकर पुलिस व प्रशासन के अफसर भी मुस्तैदी दिखाने में पीछे नहीं रहे।

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