होनहार बच्चे को आरक्षण ने बना दिया किसानUpdated: Mon, 17 Jul 2017 04:19 PM (IST)

मुझे किसान होने पर गर्व है, लेकिन मैंने यह पेशा मर्जी से नहीं चुना है। मुझे समाज ने किसान बनाया है।

तिरुवनंतपुरम। आरक्षण का दंश क्या है यह कोई उस बच्चे से पूछे, जो 80 परसेंट नंबर लाकर भी कहीं दाखिला नहीं पा सका। वहीं, 50 फीसद अंक लाकर भी उसके दोस्त दाखिला पाने में सफल रहे। इस बात ने उस लड़के को ऐसा तोड़ दिया कि आगे पढ़ाई छोड़कर किसान बनने का फैसला कर लिया।

तिरुवनंतपुरम के रहने वाले लीजो जाय का अब यह फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है। उसे 12वीं में 79.7 परसेंट नंबर लाने के बाद पांच अलॉटमेंट मिले, लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए दाखिला नहीं मिला।

इसके बाद उसने आगे की पढ़ाई छोड़कर किसान बनने का फैसला किया है। वह फावड़े के साथ के खेत में खुदाई करता हुआ दिख रहा है। इसके साथ ही उसने अपनी मार्मिक कहानी भी बयां की है। लिजो ने लिखा है कि उसे खेती करने का विकल्प चुनना पड़ रहा है क्योंकि मौजूदा एजुकेशन सिस्टम में आरक्षण की खराब व्यवस्था है।

मुझे किसान होने पर गर्व है, लेकिन मैंने यह पेशा मर्जी से नहीं चुना है। मुझे समाज ने किसान बनाया है। लीजो का यह पोस्ट अब वायरल हो रहा है।

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