गूगल, ग्लूकोज, काॅफी, हाईकोर्ट...इस गांव में रखे जाते हैं बच्चों के कुछ ऐसे ही नामUpdated: Fri, 19 May 2017 05:47 PM (IST)

नाम की तरह उनके शादी और तलाक भी कुछ हटकर होते हैं।

धारवाड़। बच्चों के नाम रखने के लिए आपकी कोशिश यह रहती है कि अलग हटकर नाम रखा जाए जो कि कम लोगों ने सुना हो। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कर्नाटक के धारवाड़ जिले के भद्रपुरा नाम के गांव में आपको बच्चों के ऐसे-ऐसे नाम मिलेंगे कि आपकी हंसी छूट जाएगी। यहां आपको गूगल, ग्लूकोज, काॅफी, मिलिट्री, इंग्लिश, हाईकोर्ट से लेकर अनिल कपूर, अमिताभ बच्चन, ओबामा जैसे नाम के बच्चे मिल जाएंगे।

हक्की पिक्की नाम के आदिवासी समुदाय का नाम रखने की यह अजीब रस्म एक दशक पहले शुरू हुई थी। यह आदिवासी जहां भी शहर में जाते और वहां जो भी नाम सुनते थे, वे बच्चों के नाम भी वही रख लेते।

किसी भी वस्तु से लेकर सेलिब्रिटी तक जो उन्हें पसंद आता, वे नाम रख लेते। यानी उनके यहां आपको शाहरूख खान, एलिजाबेथ और यहां तक की गूगल तक के नाम वाले बच्चे हैं। जापान के भतीजे का नाम हाईकोर्ट है और मैसूर पाक की ननद का नाम बैंगलोर पाक है। सुप्रीम कोर्ट, वन बाय टू और अमेरिका पक्के दोस्त हैं। आपको जानकर हैरानी भी होगी कि इनके यहां कांग्रेस और जनता भी है।

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हर नाम के साथ एक इतिहास भी जुड़ा है और नाम से ज्यादा रोचक है। जैसे कि एक बच्चे का जन्म काॅफी प्लांटेशन के पास हुआ था तो नाम काॅफी रख दिया। इतना ही नहीं इनके आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट तक उनके इन्हीं नाम से है।

इस समुदाय के लोग 14 बोलियां बोल लेते हैं। नाम की तरह उनके शादी और तलाक भी कुछ हटकर होते हैं। जैसे लड़के की ओर से दुल्हन को दहेज दिया जाता है। शादी रात में होती है और मंगलसूत्र आधी रात को पहनाया जाता है। अलग होने की स्थिति में महिलाओं को आधा दहेज लौटाना होता है।

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