ईडी ने जब्त की जाकिर नाइक की 18 करोड़ की संपत्तिUpdated: Mon, 20 Mar 2017 08:04 PM (IST)

विवादों में रहने वाले इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को ईडी ने बड़ा झटका दिया है।

नई दिल्ली। विवादस्पद धार्मिक उपदेशक जाकिर नाइक के खिलाफ जांच एजेंसियों का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जाकिर नाइक की संस्थाओं की लगभग 18 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है, वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने भी पूछताछ के लिए दूसरा समन भेज दिया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जांच से साफ है कि जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन, हारमनी मीडिया और इस्लामिक एजुकेशन ट्रस्ट जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग धार्मिक उन्माद फैलाने और नाइक के कट्टर उपदेशों के प्रचार-प्रसार के लिए होता था।

इन उपदेशों में जाकिर नाइक आतंकवाद को सही ठहराने की कोशिश करता था। इसी कारण केंद्र सरकार इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को प्रतिबंधित कर चुकी है और दिल्ली हाई कोर्ट इस पर मुहर लगा चुका है। ईडी ने नाइक को चार समन भी जारी किए थे।

लेकिन, वह पूछताछ के लिए नहीं आया। इसके बाद उसकी संपत्तियों को जब्त करने का फैसला किया गया। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर जाकिर नाइक की तीन संस्थाओं से जुड़ी 18.37 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इनमें 9.41 करोड़ रुपये के म्युचुअल फंड, 68 लाख रुपये का एक गोदाम, 7.05 करोड़ रुपये की बिल्डिंग और पांच बैंक खातों में जमा 1.23 करोड़ रुपये शामिल हैं।

उधर, एनआइए ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत जाकिर नाइक को जारी दूसरे समन में 30 मार्च को मुख्यालय में पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा है। इसके पहले उसे 15 मार्च को बुलाया गया था, पर वह हाजिर नहीं हुआ। यदि इस समन के बावजूद नाइक पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होता है, तो उसके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी कराया जाएगा।

बाद में उसे भगोड़ा भी घोषित किया जा सकता है और अंततः इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए भी कहा जा सकता है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियों के डर से जाकिर नाइक सऊदी अरब में छिपा हुआ है।

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