दिल्ली के निवासियों का दावा, छतों पर प्लेन से गिराया जा रहा है मलUpdated: Thu, 07 Dec 2017 05:09 PM (IST)

भारत के पर्यावरणीय न्यायालय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ने मामले की जांक के लिए शुक्रवार एक दिसंबर को एक विशेष समिति का गठन किया।

नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट के आस-पास रहने वाले कई लोगों ने शिकायत की है कि वहां से उड़ने वाले विमानों से इंसानी मल लोगों के घरों पर गिराया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद जांच शुरू हो गई है।

भारत के पर्यावरणीय न्यायालय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ने मामले की जांक के लिए शुक्रवार एक दिसंबर को एक विशेष समिति का गठन किया। जांच समिति में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), सेंट्रल एवियन रिसर्च इंस्टीट्यूट और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।

एयरपोर्ट के पास रहने वाले कई लोगों की शिकायत के बाद जांच शुरू की गई है। पिछले साल इसी इलाके के निवासियों ने शिकायत की थी कि हवाई उड़ान भरने के दौरान विमान ने सीवेज को डंप किया था। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया था कि यदि किसी भी पंजीकृत विमान, एयरलाइंस से यदि हवा में कूड़े को फेंका जाता है, तो उस पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया बतौर "पर्यावरण मुआवजा" लगाया जाएगा।

इन नए दावों के बाद समिति यह जांच कर रही है कि क्या हवाई अड्डे के पास पाया गया मल पक्षियों के बजाये इंसानों का है। इसकी जांच के लिए नमूने का परीक्षण किया जाएगा। डीजीसीए दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद विमानों के शौचालयों की औचक जांच करेगा कि कहीं उन्हें लैंडिंग से पहले तो खाली नहीं किया गया है।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब हवाई अड्डे के पास रहने वाले निवासियों ने दावा किया है कि विमानों से इंसानी मल को गिराया गया है। जनवरी में साल्ट लेक सिटी में हवाई अड्डे के पास रहने वाले बेथानी बोकर ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि एक विमान ने उनके रास्ते पर इंसानी मल गिराया था।

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