पद्मनाभ स्वामी मंदिर की मरम्मत का आदेशUpdated: Mon, 20 Mar 2017 10:24 PM (IST)

देश के सबसे धनवान भगवान केरल के पद्मनाभ स्वामी के गर्भगृह की मरम्मत होगी।

नई दिल्ली। देश के सबसे धनवान भगवान केरल के पद्मनाभ स्वामी के गर्भगृह की मरम्मत होगी। इसके साथ ही जिस पवित्र जलाशय में स्नान करने के बाद पुजारी पद्मनाभ स्वामी की पूजा करते हैं उन जलाशयों की सफाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने केरल के जल विभाग से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सीवर या नाले का पानी और मलबा मंदिर अथवा इससे जुड़े जलाशयों में नहीं जाना चाहिए।

कोर्ट ने यह आदेश पद्मनाभ स्वामी मंदिर के प्रशासन को लेकर लंबित विवाद की सुनवाई के दौरान दिया। सोमवार को मामले में न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रह्माण्यम ने कहा कि मंदिर के गर्भ गृह की छत की मरम्मत और मूर्तियों के संरक्षण का काम बहुत जरूरी है। यह काम तत्काल करने का आदेश दिया जाए।

इसके साथ ही मंदिर के उन दो जलाशयों को तत्काल साफ करने का आदेश दिया जाए, जिसमें स्नान करने के बाद मुख्य पुजारी भगवान पद्मनाभ की पूजा करते हैं। गोपाल सुब्रह्माण्यम ने कहा कि दोनों जलाशय बेहद गंदे हैं और वर्षों से उनकी सफाई नहीं हुई है। इन जलाशयों में सीवर और नाले भी मिलते हैं।

किसी भी मंदिर की पवित्रता के लिए साफ-सफाई सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से सफाई चल रहा है। पैसे भी खर्च हुए हैं। लेकिन, जलाशय ज्यों के त्यों गंदे हैं। उनकी बात का मंदिर के प्रशासन की कानूनी लड़ाई लड़ रहे राजवंशी मार्तंड वर्मा के वकील ने भी समर्थन किया।

सभी पक्षों के सहमत होने पर कोर्ट ने केरल के जल विभाग को आदेश दिया कि वो सुनिश्चित करे कि जलाशयों की सफाई का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि जल विभाग सीवर नाले रोकने के लिए लाइन बिछाने का निर्माण कार्य 15 मई तक पूरा कर ले।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कोर्ट द्वारा गठित प्रशासनिक समिति को निर्देश दिया कि वह गर्भगृह की छत और मूर्तियों के संरक्षण और जलाशयों की सफाई के लिए टेंडर आमंत्रित करे। टेंडर इस काम में अनुभव रखने वाले लोगों के ही आमंत्रित किये जाएं। कोर्ट इस मामले में 18 अप्रैल को फिर सुनवाई करेगा।

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