यूपी की बोर्ड परीक्षा में इस बार नकल के सारे रिकॉर्ड टूटेUpdated: Mon, 20 Mar 2017 10:31 PM (IST)

उम्मीद थी सरकार बदलने पर उसका असर केंद्रों पर दिखेगा, लेकिन ठीक उल्टा हो रहा है।

इलाहाबाद । सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया है, लेकिन उसका असर यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नहीं दिख रहा है। अफसरों की अनदेखी से परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल होने की शिकायतें आ रही हैं।

अहम प्रश्नपत्रों की परीक्षा शुरू होते ही स्थिति और बिगड़ गई है। केंद्रों पर बड़ी संख्या में अभिभावक व अन्य अपनों को नकल सामग्री मुहैया कराने के लिए सुबह से शाम तक जमे रहे। स्थानीय प्रशासन तमाशबीन बना है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 2017 बीते 16 मार्च से चल रही हैं। शुरुआत में हिदी व अन्य सामान्य विषयों का इम्तिहान हुआ उसमें भी जमकर नकल हुई। उम्मीद थी सरकार बदलने पर उसका असर केंद्रों पर दिखेगा, लेकिन ठीक उल्टा हो रहा है।

सोमवार को हाईस्कूल में गणित, गृह विज्ञान व इंटर में संगीत, मनोविज्ञान, शिक्षा शास्त्र एवं तर्कशास्त्र विषय की परीक्षा हुई। अहम प्रश्नपत्र के इम्तिहान में नकल के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं।

बलिया, गाजीपुर, इलाहाबाद, देवरिया व अलीगढ़, मथुरा आदि के कई परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल व बाहर से नकल कराने को लेकर खूब हंगामा हुआ।

केंद्रों के बाहर स्थानीय प्रशासन के अफसर नदारद रहे, केवल कुछ होमगार्ड डंडा पटककर अभिभावकों को खदेड़ते रहे। मंडल मुख्यालयों पर शिक्षा विभाग के बड़े अफसर मॉनीटरिग नहीं कर रहे हैं।

बोर्ड मुख्यालय के कंट्रोल रूम का दावा है कि हाईस्कूल में प्रदेश भर में 68 बालक व 32 बालिकाएं नकल के अनुचित साधनों का प्रयोग करती पकड़ी गईं। इसी तरह से इंटर में 90 बालक व 23 बालिकाओं पर नकल करने के आरोप में कार्रवाई की गई है।

बोर्ड परीक्षा में अब तक 525 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े जा चुके हैं। इसमें बलिया जिले में सोमवार को सबसे अधिक 65 परीक्षार्थी पकड़े गए हैं इससे वहां अब 121 परीक्षार्थी दबोचे जा चुके हैं।

दूसरे स्थान पर इलाहाबाद में अब तक 74 अभ्यर्थियों पर कार्रवाई हुई है। यही नहीं, कई केंद्रों को काली सूची में डालने व दर्जनों को नोटिस जारी करने के बाद भी नकल पर विराम नहीं लग रहा है।

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