पति कोमा में, पत्नी ने बैंक अकाउंट एक्सेस करने के लिए HC से मांगा अधिकारUpdated: Thu, 12 Oct 2017 03:21 PM (IST)

फिलोमिना ने HC से अपने पति के अभिभावक के रूप में नियुक्त करने की अपील की। ताकि वो इलाज के लिए अकाउंट एक्सेस कर सकें।

मुंबई। नवी मुंबई की एक महिला ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने बीमार पति के बैंक अकाउंट के एक्सेस की अनुमति मांगी है।

महिला का पति लियो लोबो पिछले एक महीने से भी ज्यादा वक्त से कोमा में है। लेकिन अकाउंट केवल उनके नाम पर होने की वजह से बैंक ने उनकी पत्नी फिलोमिना लोबो को बिना कोर्ट के ऑर्डर पर अकाउंट एक्सेस करने की अनुमति देने से मना कर दिया है।

ऐसी स्थिति में मरीज के अधिकारों से निपटने के लिए कोई विशेष कानून नहीं है। ऐसे में इलाज के लिए बैंक अकाउंट एक्सेस करने के लिए फिलोमिना ने हाई कोर्ट से अपने पति के अभिभावक के रूप में नियुक्त करने की अपील की है।

बुधवार को केंद्र सरकार के सलाहकार अद्वैत सेठना ने कहा कि ऐसे मामले में सबसे पहले एक सबडिविजनल मजिस्ट्रेट को मेडिकल सर्टिफिकेट और याचिकाकर्ता के दावों की पुष्टि करनी चाहिए।

एसडीएम को मरीज की रिपोर्ट बनाने का आदेश-

इसके बाद हाइकोर्ट द्वारा सब डिविजलन मजिस्ट्रेट को मरीज के उनके घर जाकर स्वास्थ्य का जायजा लेते हुए रिपोर्ट बनाने का आदेश देना चाहिए।

नवी मुंबई स्थित अपोलो अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट ने प्रमाणित किया है कि लियो लोबो (मरीज) के मस्तिष्क में गहरा आघात हुआ है और वह कोमा की स्थिति में हैं।

मेडिकल सर्टिफिकेट के अनुसार, अपनी स्थिति की वजह से मरीज बोलने के साथ-साथ, इशारे या किसी भी तरह से संवाद करने में असमर्थ है।

जस्टिस शांतनु केमकर और गिरीश कुलकर्णी की बेंच ने याचिकाकर्ता फिलोमिना लोबो की वकील सुलताना सोनावणे के तथ्य के आधार पर सरकारी वकील को ऑर्डर पास किया है।

वकील सोनावणे के अनुसार उनकी क्लाइंट फिलोमिनी अपनी दो शादीशुदा बेटियों के जरिए पिता के अकाउंट को ऑपरेट करने की मंजूरी मांगेगी। इस मामले को सुलझाने के लिए नो ऑब्जेक्शन का हलफनामा दायर करेंगी।

वहीं हाई कोर्ट ने सरकारी वकील कविता सोलंके को मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट सौंपने के लिए शुक्रवार तक का वक्त दिया है।

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