ऐसे बचाएं बच्चे को इंटरनेट के खतरों सेUpdated: Sat, 20 Feb 2016 01:11 AM (IST)

हम आपको बता सकते हैं कि आप किस तरह अपने बच्चों के साइबर अनुभव को सकारात्मक बना सकते हैं।

इस दौर के माता-पिता के पास पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अब एक नई जिम्मेदारी भी आन पड़ी है अपने बच्चों को साइबर वर्ल्ड के खतरों से बचाने की। यदि आप अब इस आभासी दुनिया का हिस्सा होने जा रहे हैं तो हम आपको बता सकते हैं कि आप किस तरह अपने बच्चों के साइबर अनुभव को सकारात्मक बना सकते हैं।

पहले आप इस दुनिया का हिस्सा बनें

इस खतरे से लड़ने का सबसे पहला नियम है कि आप सूचनाओं से लैस रहें। इस दुनिया में कूद जाएं और इसके आधारभूत नियमों को समझें। इससे संबंधित लेख पढ़ें, जरूरी हो तो क्लास में जाएं, दूसरे पेरेंटस से चर्चा करें। आपको इसके लिए महारथी होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप बेसिक्स ही सीख लें। यह ही आपकी मदद करेगा।

बच्चे से संवाद करें

अपने बच्चे से संवाद करें। आप उससे इंटरनेट के खतरे और फायदों की चर्चा करें। अपने बच्चों की इंटरनेट गतिविधियों पर ध्यान दें। जानें कि बच्चे की पसंदीदा वेबसाइट कौन-सी है, वह कौन-से ऑनलाइन गेम्स खेलता है और इंटरनेट पर उसकी रुचियां क्या हैं? और अपने बच्चे से यह पूछने से जरा भी नहीं हिचकें कि वह किससे चैट करता है और वे आपस में किस तरह की बातें करते हैं।

बच्चे को कुछ हिदायतें दें

बच्चे को बताएं कि वह किसी भी हालत में अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अजनबी को इंटरनेट पर नहीं देगा। साथ ही यह भी कि यदि उसे इंटरनेट पर कुछ भी असुविधाजनक या आपत्तिजनक लगा तो वह तुरंत उसकी जानकारी आपको दे। अगर आप बच्चे को पहले ही हिदायत देंगे तो वह खुद भी सुरक्षात्मक कदम उठा सकेगा।

कम्प्यूटर पर नियंत्रण रखें

ऐसे सॉफ्टवेयर जिनकी मदद से आप अपने कम्प्यूटर पर कुछ साइट्स को ब्लॉक कर सकते हैं, उन्हें खोजकर उनका इस्तेमाल करें। कम्प्यूटर पर बिताने के लिए समय निश्चित कर दें। बच्चे के इंस्टेंट मैसेंजर चैट को भी प्रोटेक्ट करके रखें। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि आप उसकी आजादी को कम कर रहे हैं बल्कि यह है कि आप उसकी सुरक्षा कर रहे हैं।

परिवार के साथ इंटरनेट का लाभ लें

आप अपने और अपने बच्चे के साथ-साथ परिवार को भी इंटरनेट से फायदा उठाने के लिए प्रेरित करें। इससे आपके साथ-साथ आपका परिवार भी बच्चे की वर्चुअल दुनिया पर नजर रख सकेगा। अगर परिवार के ज्यादातर सदस्य सोशल मीडिया पर हैं तो बच्चों की थोड़ी-बहुत निगरानी तो आसानी से हो ही सकती है।

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