उनका खेल देखिए और ट्वीट भी पढ़िएUpdated: Tue, 05 Apr 2016 06:28 PM (IST)

विराट कोहली सचमुच अपने विराट रूप में उभरें हैं। उन्होंने अपनी खेल-प्रतिभा ही नहीं स्वभाव की उदात्तता का भी परिचय दिया है।

निर्मला भुराडि़या

विराट कोहली सचमुच अपने विराट रूप में उभरें हैं। उन्होंने अपनी खेल-प्रतिभा ही नहीं स्वभाव की उदात्तता का भी परिचय दिया है। प्रसिद्ध तारिका अनुष्का शर्मा से उनके रिश्ते बनने और बिगड़ने की खबरें लगातार आती रही हैं। पहले रोमांस की खबरें अपने तूफानी दौर में थीं तो अब ब्रेकअप की खबरें चल रहीं हैं। इस सारे दौर में अधिकांश आम दर्शकों ने जब भी विराट का प्रदर्शन थोड़ा हिला, उसके लिए अनुष्का शर्मा की मौजूदगी को जिम्मेदार ठहराया।

अनुष्का को विराट के लिए पनौती बताते हुए कई चुटकुले, ताने और हंसी-मजाक चल पड़े। अपने रोमांस के सुपर दौर में तो विराट ने ऐसे तथाकथित प्रशंसकों को लताड़ा ही, ब्रेकअप के बाद भी उन्होंने प्रशंसकों की इस प्रवृत्ति को शर्मनाक बताते हुए अनुष्का के पक्ष में ट्वीट किया। अन्यथा ब्रेकअप की कडुवाहट में अच्छे-अच्छे लोग अपने पूर्व साथी को कोसने लगते हैं या लोग कोस रहे हों तो स्वयं चुप रह जाते हैं, मगर विराट ने ऐसा करने के बजाए उन तंगदिल लोगों की भर्त्सना करके अपने स्वस्थ सोच का परिचय दिया है।

सिर्फ अनुष्का की ही बात नहीं किसी व्यक्ति को पनौती, मनहूस या अमंगल मान लेने की दुष्ट मानसिकता हमारी सामाजिकता में जाने कब से चली आ रही है। पिता तक अपने बच्चों में अंतर करते पाए गए हैं कि फलां के पैदा होने पर नफा हुआ था तो वह उनके लिए 'लकी' और फलां के वक्त नुकसान तो वह उनके लिए 'अनलकी' है। तथाकथित रूप से 'अनलकी' होने वाले पुत्र या पुत्री को परिवार में बहुत से भेदभाव और पूर्वाग्रहों का सामना करना पड़ता है। सिर्फ एक अंधविश्वास के कारण एक इंसान को दूसरे इंसानों के हाथों दुख भुगतना पड़ता है, उस गलती के लिए जो उनसे हुई ही नहीं है। अपने समान ही हाड़-मांस वाले इंसान को मंगल-अमंगल मानने वालों के व्यवहार की पीड़ा कई बार पहले से ही दुखी इंसान को भी भुगतना पड़ती है जो उसके दुख में वृद्धि करती है।

मसलन कई लोग विधवा या तलाकशुदा स्त्री को अमंगल मानते हैं और उसे विवाह आदि शुभ कार्य में शामिल नहीं करते। कई लोग किसी अपंग व्यक्ति को सामने से आते देख दिशा बदल लेते हैं। यह सोच कर कि यह सामने पड़ गया तो अब हमारा काम नहीं होगा। इस प्रकार मनहूस मानकर किसी इंसान का अपमान या तिरस्कार करने का हक किसी को नहीं बनता। शर्मनाक तो वो हैं जो अपने संगी इंसान के बारे में ऐसा सोचते हैं और दुर्व्यवहार करते हैं। अनुष्का को पनौती कहने वालों को विराट कोहली शर्मनाक कह रहे हैं, तो वह सही ही कह रहे हैं।

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