पाणिनि विश्वविद्यालय में हो सकेंगे संस्कृत से बीए-बीएड के इंटीग्रेटेड कोर्सUpdated: Sun, 13 Aug 2017 12:04 AM (IST)

महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय में अब संस्कृत में बीए, बीएड का इंटीग्रेटेड कोर्स प्रारंभ होगा।

उज्जैन। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय में अब संस्कृत में बीए, बीएड का इंटीग्रेटेड कोर्स प्रारंभ होगा। इस एकीकृत पाठ्यक्रम में चार वर्ष में स्नातक व बीएड की डिग्री दी जाएगी। जबकि वर्तमान में 3 साल के स्नातक डिग्री के बाद दो साल बीएड करने में लगते हैं। इसके लिए विवि ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पाणिनि संस्कृत विवि में इस कोर्स के शुरू होने के साथ ही अब कुल 5 विभाग हो जाएंगे। यूजीसी की ग्रांड के लिए किसी भी विवि में पांच विभाग होना जरूरी है। यूजीसी की धारा 12-बी के तहत ही आर्थिक मदद मिल पाती है।

वर्तमान में हॉस्टल की बिल्डिंग पूरी होने वाली है। इसका पूर्णता प्रमाण पत्र यूडीए जारी करेगा। इसके बाद पाणिनि विवि का भवन भी बनाया जाएगा।

वर्तमान में बिरला शोध संस्थान के भवन में विवि का प्रशासनिक संकुल संचालित है। बीए, बीएड के इंटीग्रेटेड कोर्स के बाद विवि से संबद्ध सभी कॉलेजों में इस कोर्स की मान्यता उपलब्ध करवाई जाएगी।

छात्र इसका लाभ ले सकेंगे। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी कॉलेज में इस तरह का कोर्स नहीं है। यूजीसी की टीम इस कोर्स के प्रारंभ होने से पूर्व यहां निरीक्षण के लिए आई थी।

इस निरीक्षण में विवि ने सभी अर्हताएं पूरी करते हुए यह उपलब्धि सिल की है। इधर, दूसरी ओर संस्कृत में बीए, बीएड के इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए मप्र सहित देश के अन्य सरकारी व गैर सरकारी कॉलेज भी प्रयासरत थे। जुलाई 2018-19 से यह कोर्स प्रारंभ हो जाएगा।

इनका कहना

संस्कृत में बीए, बीएड का इंटीग्रेटेड कोर्स की मान्यता मिलना बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति भी छह माह में कर ली जाएगी। अगले सत्र से शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।

- आरसी पांडा, कुलपति, महर्षि पाणिनि संस्कृत विवि

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