देवगुरु बृहस्पति ने किया राशि परिवर्तन, ये होगा आप पर असरUpdated: Wed, 13 Sep 2017 12:45 AM (IST)

देवगुरु बृहस्पति मंगलवार शाम कन्या राशि को छोड़कर तुला राशि में प्रवेश कर गए हैं।

उज्जैन। देवगुरु बृहस्पति मंगलवार शाम कन्या राशि को छोड़कर तुला राशि में प्रवेश कर गए हैं। देवगुरु का राशि परिवर्तन उन्नति के द्वार खोलेगा। विभिन्न राशि के जातकों के लिए यह समय प्रगति का रहेगा। लोगों को राहत का अनुभव होगा। रुके कार्यों में गति आएगी तथा लाभ व प्रतिष्ठा में वृद्घि होगी।

ज्योतिषियों के अनुसार तुला राशि का स्वामी शुक्र है। नैसर्गिक गुण दृष्टि से देखें तो गुरु और शुक्र एक दूसरे के शत्रु बताए गए हैं। इस दृष्टि से धार्मिक मामलों में विवाद की स्थिति बनेगी।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार बृहस्पति का तुला राशि में परिभ्रमण 11 अक्टूबर 2018 तक रहेगा। 13 माह की इस अवधि में देवगुरु का गोचर काल विभिन्न ग्रहों से दृष्टि संबंध बनाएगा, जो अलग-अलग परिस्थिति निर्मित करेगा। इस काल खंड में वक्रीय तथा मार्गीय गति के कारण व्यापार व्यवसाय की गति बढ़ेगी। बाजार में बृहस्पति का प्रभाव नजर आएगा।

सोने में तेजी, सोयाबीन में मंदी

बृहस्पति के तुला राशि में परिभ्रमण के दौरान रूई, कपास तथा सोने के कारोबार में तेजी का रुख रहेगा। घी, तेल, सरसो तथा सोयाबीन में मंदी का वातावरण रहेगा। सर्वत्र अनुकूल दृष्टि से शुभता का वातावरण रहेगा। राजनीति के दृष्टिकोण से परिवर्तन के योग बनेंगे।

गुरुदेव की प्रसन्नता के लिए यह करें

जिन राशियों के लिए प्रतिकूल समय है, उन राशि के जातकों को गुरुदेव की प्रसन्नता के लिए बृहस्पति स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। बृहस्पति के वैदिक मंत्रों का जप तथा बृहस्पति या शिव मंदिर में प्रत्येक गुरुवार को गुड़, चना दाल, हल्दी की गांठ तथा पीले पुष्प अर्पित करना चाहिए।

इन राशियों पर यह प्रभाव

- मेष : कार्य में प्रगति, रुके काम शुरू होंगे, भूमि-भवन से लाभ होगा।

- वृषभ : राशि से छठा बृहस्पति रोग उत्पन्न करेगा, धन आगमन होगा।

- मिथुन : उत्तम स्वास्थ्य, संतान सुख, आर्थिक लाभ व भाग्योन्नति होगी।

- कर्क : राशि से चौथा बृहस्पति खर्च बढ़ाएगा, पदोन्नति होगी।

- सिंह : पराक्रम में वृद्घि होगी, आकस्मिक लाभ की संभावना बनेगी।

- कन्या : ऋण उतरेगा, अन्य कार्य की रूपरेखा बनेगी, लाभ होगा।

- तुला : राशि पर बृहस्पति का परिभ्रमण वैचारिकता में परिवर्तन लाएगा।

- वृश्चिक : द्वादश बृहस्पति खर्च कराएगा, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी।

- धनु : लाभ तथा प्रतिष्ठा में वृद्घि होगी। संतान का सुख मिलेगा।

- मकर : विदेश यात्रा का योग बनेगा। नए व्यवसाय की शुरुआत होगी।

- कुंभ : भाग्योदय के प्रयास सफल होंगे। समास्याओं का समाधान होगा।

- मीन : राशि से आठवां बृहस्पति अवरोध के बाद सफलता दिलाएगा।

उज्जयिनी में 5 हजार साल पुराना मंदिर

धर्म नगरी में गोलामंडी स्थित देवगुरु बृहस्पति मंदिर की मान्यता 5 हजार साल पुरानी है। मंदिर के गर्भगृह में पूर्वाभिमुख देवगुरु बृहस्पति की दिव्य मूर्ति है। यह आद्य वेदानुरूप स्वयंभू मूर्ति संपूर्ण भारत में अपने प्रकार की लाल पाषाण पर उत्कीर्ण एकमात्र मूर्ति बताई जाती है। देवगुरु की कृपा के लिए भक्त यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। गुरुवार को भगवान का पीत पूजन किया जाता है। पर्वों पर भगवान का विशेष शृंगार होता है।

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