दस महीने से महाकाल मंदिर में नहीं सुनाई दी शहनाई की मंगल ध्वनिUpdated: Wed, 11 Oct 2017 07:24 PM (IST)

महाकाल मंदिर में 10 माह से बंद पड़ी डेढ़ सौ साल पुरानी शहनाई पर मंगलगान की परंपरा जल्दी ही फिर शुरू होगी।

राजेश वर्मा, उज्जैन। ज्योर्तिलिंग महाकाल मंदिर में 10 माह से बंद पड़ी डेढ़ सौ साल पुरानी शहनाई पर मंगलगान की परंपरा जल्दी ही फिर शुरू होगी। दिसंबर 2016 में नियमित शहनाई वादक के सेवानिवृत्त होने के बाद से मंगलगान का सिलसिला थम गया था।

अब शहनाई तो नहीं सुनाई देती लेकिन परंपरा निभाने के लिए तबला जरूर बजाया जाता है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि वह यह परंपरा जल्दी ही शुरू करना चाहता है।

राज परिवारों में मांगलिक कार्यों और धार्मिक अनुष्ठानों में मंगल वाद्य माने जाने वाली शहनाई वादन की परंपरा रही है। सिंधिया स्टेट के समय ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भस्मारती के बाद सुबह 6 बजे और शाम को संध्या आरती के पहले नित्य शहनाई वादन होता था।

1983 में मंदिर प्रबंध समिति का गठन होने के बाद भी यह परंपरा जारी रही। वादक वेणीराम 36 साल से मंदिर में नियमित शहनाई वादन कर रहे थे। मंदिर समिति उन्हें 4500 रुपए मानदेय देती थी। उम्र अब 70 वर्ष होने से अब वे शहनाई वादन नहीं कर सकते हैं। वेणीराम की सेवानिवृत्ति के बाद से एक साल में 5 प्रशासक बदल गए, लेकिन शहनाई वादक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। उल्लेखनीय है कि मंदिर समिति के स्टाफ की सूची में शहनाई वादक का स्थायी पद शामिल है।

अनादिकाल से परंपरा

पं. महेश पुजारी ने बताया मंदिर में मंगल वाद्य की परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। 50 वर्ष से इस परंपरा का मैं भी साक्षी हूं। हमारे पूर्वज भी मंदिर में शहनाई वादन की बात कहते आए हैं। ब्रह्म मुहूर्त और गौधुलि बेला में शहनाई के मधुर स्वर भक्तों को भाव विभोर कर देते थे, लेकिन अब सूनापन लगता है। उन्होंने बताया कि देश के बड़े शिव मंदिरों में सुबह मंगल वाद्य यंत्र बजाने की परंपरा रही है।

सिर्फ तबला वादन

शहनाई वादन के साथ तबले की संगत स्वर लहरी को सुरमई बना देती है। जब से मंदिर में शहनाई वादन बंद हुआ है, केवल तबला बजाकर परंपरा निभाई जा रही है। संगतकार रमेश ढोली अब प्रतिदिन तबला बजा रहे हैं। श्रावण-भादौ मास के साथ दशहरा और कार्तिक-अगहन मास की सवारी में रमेश भाई राजा की पालकी के आगे ढोल भी बजाते हैं।

प्रबंध समिति में रखेंगे

महाकाल मंदिर के प्रशासक क्षितिज शर्मा ने बताया कि यदि अच्छे वादक का प्रस्ताव मिला तो इसे प्रबंध समिति में रख जल्दी ही शहवाई वादन फिर शुरू किया जाएगा।

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