गर्भ में थे जुड़वा बच्चे, एक घर में जन्मा, दूसरा एंबुलेंस मेंUpdated: Sat, 21 May 2016 10:54 PM (IST)

एक महिला को प्रसव पीड़ा के बाद घर पर ही प्रसव हो गया। गर्भ में जुड़वा बच्चे थे, दूसरे का प्रसव होना बाकी था।

सागर। संजीवनी 108 एंबुलेंस एक बार फिर एक प्रसूता के लिए वरदान साबित हुई है। राहतगढ़ ब्लॉक के मर्दानपुर गांव में निवासी एक महिला को प्रसव पीड़ा के बाद घर पर ही प्रसव हो गया। गर्भ में जुड़वा बच्चे थे, दूसरे का प्रसव होना बाकी था। एंबुलेंस जैसे ही प्रसूता को लेकर अस्पताल की ओर बढ़ी उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। ईएमटी स्टाफ ने रास्ते में ही उसका प्रसव कराया।

महिला ने दो स्वस्थ्य शिशु का जन्म दिया। दोनों स्वस्थ हैं। 108 एंबुलेंस के जिला प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि दोपहर करीब 12.30 बजे राहतगढ़ के मर्दानपुर गांव से प्रसव के केस के लिए कॉल आया था। तत्काल राहतगढ़ 108 एंबुलेंस को मौके के लिए रवाना कर दिया गया था। एंबुलेंस जब अजब सिंह राजपूत के घर पहुंची, तब तक उनकी पत्नी वंदना का प्रसव हो चुका था उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था।

वंदना के गर्भ में जुड़वां बच्चे थे, दूसरे का प्रसव होना बाकी था। एंबुलेंस के ईएमटी दीपक चौरसिया एवं पायलट विनोद सेन ने उन्हें अहतियात के साथ एंबुलेंस में लिटाया और राहतगढ़ सीएचसी के लिए रवाना हुए। इस दौरान वंदना को रास्ते में फिर तेज प्रसव पीड़ा सताने लगी।

ईएमटी दीपक ने वंदना की सास की मदद से एंबुलेंस में ही प्रसव कराया। वंदना ने दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। जिला प्रभारी देवेंद्र सिंह के अनुसार प्रसूता वंदना एवं दोनों नवजात शिशुओं को राहतगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।

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