मेटरनिटी में प्रवेश करने पर कोई रोक नहीं, प्रसूताएं हैं असुरक्षितUpdated: Mon, 09 Oct 2017 03:47 AM (IST)

आशा कार्यकर्ता प्राइवेट अस्पताल में प्रसव के लिए ले जा रही थी, लेकिन महिला को प्रसव अस्पताल परिसर में ही हो गया।

मुरैना। जिला अस्पताल की मेटरनिटी से शुक्रवार रात को प्रसूता को आशा कार्यकर्ता प्राइवेट अस्पताल में प्रसव के लिए ले जा रही थी, लेकिन महिला को प्रसव अस्पताल परिसर में ही हो गया। खासबात यह है कि अस्पताल की मेटरनिटी से कोई भी आशा कार्यकर्ता या अस्पतालों के दूसरे एजेंट आसानी से मरीजों को प्राइवेट अस्पताल ले जाते हैं और प्रबंधन को पता ही नहीं लगता।

इससे अस्पताल की मेटरनिटी के सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग जाते हैं। रात के समय मेटरनिटी में आने जाने पर कोई रोक-टोक नहीं होती। ऐसे में मेटरनिटी में प्रसूताएं असुरक्षित रहती हैं।

यह हालत रहती है मेटरनिटी में

- मेटरनिटी गेट पर बेशक सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं, लेकिन आने जाने वाले किसी भी व्यक्ति को रोकते-टोकते नहीं हैं। मेटरनिटी में करीब आधा दर्जन महिलाएं हमेशा ऐसी मौजूद रहती हैं जो न तो अस्पताल की कर्मचारी हैं और न ही वे किसी भी मरीज के साथ आई होती हैं। ये महिलाएं केवल मरीजों को बरगलाकर नर्सिंगहोम ले जाने का काम करती हैं। इसके बावजूद सुरक्षा गार्ड इन महिलाओं को मेटरनिटी से बाहर नहीं करते। आवारा मवेशी खासतौर से कुत्ते, मेटरनिटी में आसानी से चले जाते हैं और घूमते रहते हैं। इससे प्रसूताओं व नवजातों के लिए मेटरनिटी में खतरा बना रहता है।

इसलिए है यह हालत

- मेटरनिटी में अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी कभी कभार ही मॉनीटरिंग के लिए जाते हैं। ऐसे में यहां पर कोई निगाह रखने वाला नहीं रहता। मेटरनिटी में पदस्थ नर्स व डॉक्टर भी इन समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं।

- मेटरनिटी में मौजूद रहने वाली संदिग्ध महिलाएं कुछ सरकारी डॉक्टर जिनके रिश्तेदार या पत्नियां नर्सिंगहोम का संचालन करती हैं। वे भी इन महिलाओं की पैरवी कर उन्हें मेटरनिटी में आने जाने में मदद करते हैं।

यह कर सकता है प्रबंधन

- मेटरनिटी में भर्ती होने वाली प्रसूता महिलाओं के परिजनों के लिए पास व्यवस्था लागू कर दे, जिससे मेटरनिटी में केवल वही लोग जाएंगे तो प्रसूता के साथ होंगे।

- आशा कार्यकर्ताओं के आईडी कार्ड बना दे। बिना आईडी कार्ड के कोई भी आशा कार्यकर्ता मेटरनिटी में नहीं जाएगी।

- मेटरनिटी में तैनात सुरक्षा गार्डों को सख्त निर्देश दिए जाएं, जिससे वे अनाधिकृत व्यक्ति को मेटरनिटी में न घुसने दें।

कथन

- मेटरनिटी की सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं और व्यवस्थाएं सुधारी जा रही है। वैसे तो पास व्यवस्था लागू है, लेकिन इसे और कड़ा किया जाएगा। जिससे मेटरनिटी में अनाधिकृत लोग न जा पाएं।

डॉ. पदमेश उपाध्याय, आरएमओ, जिला अस्पताल

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