नेकी की दीवार की पेटी में मदद के लिए डाली चिट्ठी, घर पहुंचे समाजसेवीUpdated: Mon, 11 Sep 2017 10:57 PM (IST)

नेकी की दीवार पर लगे बक्से को जब सोमवार सुबह खोला गया तो उसमें एक चिट्ठी पड़ी थी।

मुरैना। आनंदम के तहत मुरैना में स्थापित की गई नेकी की दीवार पर लगे बक्से को जब सोमवार सुबह खोला गया तो उसमें एक चिट्ठी पड़ी थी। यह चिट्ठी 7 सितंबर को न्यू आमपुरा निवासी सुनीता भदौरिया ने बॉक्स में डाली थी। सुनीता के पति को दो साल पहले लकवा मार गया और उनका काम -धंधा बंद हो गया।

सुनीता का 15 वर्षीय बेटा पढ़ाई छोड़कर हलवाइयों के साथ काम करता है। इस पैसे से सुनीता की दो बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। सुनीता की इस चिट्ठी को पढ़कर समाज सेवी उनके घर पहुंचे और उनकी जरूरतों को जाना। अब इस परिवार की प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ति समाज सेवी मिलकर कर रहे हैं।

सुनीता ने बताया कि उनके पति रविंद्र भदौरिया प्रायवेट बस पर कंडेक्टर थे। दो साल पहले अचानक उन्हें लकवा मार गया। इसके साथ इस परिवार की खुशियां भी जाती रहीं। रविंद्र की नौकरी चली गई और उनकी बीमारी पर बड़ा खर्च हो गया। हालत इतनी खराब हुई कि रविंद्र और सुनीता के 15 साल के बेटे सचिन को हलवाइयों के साथ लेबर का काम करना पड़ रहा है। रविंद्र व सुनीता की बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है।

अब उनकी बेटी प्रतिमा 12वीं क्लास में है और मोहिनी 7वीं कक्षा में हैं। चिट्ठी मिलने के बाद महिला के घर पहुंचे समाज सेवी मनोज जैन को प्रतिमा ने बताया कि उसे ट्यूशन जाने के लिए साइकिल चाहिए। इस पर समाज सेवी संगठन की सदस्य विनीती पत्नी सुरेश चंद्र जैन ने प्रतिमा को साइकल दिलाने की बात कही।

अब नहीं फूंकना हो चूल्हा, मिलेगा गैस सिलेंडर

सुनीता भदौरिया ने बताया कि उनके पास गैस सिलेंडर तक नहीं है। यही वजह है कि सारे घर का खाना सुनीता चूल्हे पर ही बनाती हैं। परिवार को रसोई गैस सिलेंडर और चूल्हे की दरकार है। समाज सेवी श्री जैन ने परिवार को जल्दी ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसके अलावा सुनीता के पति रविंद्र के लिए आवश्यक दवाओं का इंतजाम करने के लिए भी आश्वासन दिया है।

सामाजिक संगठनों ने ली प्रेरणा

सुनीता भदौरिया और उनके पति रविंद्र के परिवार की इस हालत को देखकर शहर के सामाज सेवी और सामाजिक संगठनों ने प्रेरणा ली है। समाज सेवी मनोज जैन के मुताबिक समाजिक संगठन अब एक बैठक आयोजित करेंगे। जिसमें इस तरह के जरूरत मंद परिवारों की मदद के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। साथ शासन की ओर से भी इस तरह के परिवारों को मदद दिलवाने का प्रयास किया जाएगा।

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