पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासाUpdated: Tue, 18 Jul 2017 12:39 AM (IST)

पुत्र प्राप्ति के लिए पड़ोसी के बच्चे की बलि चढ़ाई गौतमपुरा। करीब एक माह पहले दो वर्षीय बच्चे के अंधे कत्ल के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया और बालक की हत्या के आरोप में पड़ोसी दिलीप बागरी और उसकी दो पत्नियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पुत्र प्राप्ति के लिए पड़ोसी के बच्चे की बलि चढ़ाई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अ

पुत्र प्राप्ति के लिए पड़ोसी के बच्चे की बलि चढ़ाई

गौतमपुरा। करीब एक माह पहले दो वर्षीय बच्चे के अंधे कत्ल के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया और बालक की हत्या के आरोप में पड़ोसी दिलीप बागरी और उसकी दो पत्नियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पुत्र प्राप्ति के लिए पड़ोसी के बच्चे की बलि चढ़ाई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

थाना प्रभारी अनिल वर्मा ने बताया कि एक माह पूर्व 9 जून को समीपस्थ ग्राम गढ़ी बिल्लौदा में सुनील कीर का दो वर्षीय बालक यश गुम हो गया। दूसरे दिन 10 जून को पड़ोस में रहने वाले दिलीप बागरी के आंगन में बोरे में यश का शव मिला था। प्रारंभिक जांच में ही पता चल गया कि मामला हत्या का है। तत्कालीन थाना प्रभारी आशुतोष बागड़ी ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। इसके कुछ दिनों बाद ही बागड़ी की ट्रेनिंग खत्म होने के कारण वे चले गए और मामला नए थाना प्रभारी अनिल वर्मा के हाथों में आ गया। वर्मा और हेड कांस्टेबल कालूसिंह बामनिया ने जांच के बाद पड़ोसी दिलीप को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और सब कुछ उगल दिया।

तीन शादियां की

आरोपी दिलीप ने पहली शादी करीब 12 साल पहले की थी। उससे दो लड़कियां हुई। इसके बाद उसने पुष्पा से शादी की तो उससे एक लड़का और एक लड़की हुई लेकिन दोनों की मृत्यु हो गई। इसके बाद उसने तीसरी शादी संतोषी बाई से की। लेकिन संतोषी बाई के बच्चे नहीं होने पर उन्होंने तांत्रिक के कहने पर बच्चे की बलि ली।

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