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Women's Day : खुद के संघर्ष की कहानी सुनाकर बेटी को बना दिया अफसरUpdated: Wed, 08 Mar 2017 09:54 AM (IST)

संघर्षों के रास्ते खुद को काबिल बनाने की कहानी एक पिता ने इस तरह सुनाई कि बेटियों ने उन्हें आदर्श मान लिया।

खरगोन, विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव। छोटे से व्यवसाय से जिंदगी की शुरुआत और संघर्षों के रास्ते खुद को काबिल बनाने की कहानी एक पिता ने इस तरह सुनाई कि बेटियों ने उन्हें आदर्श मान लिया। संकल्प लिए कि पिता के सारे सपनों को पूरा कर दिया। उद्योगपति व कॉटन व्यवसायी कल्याण अग्रवाल की कहानी प्रेरणा से भरी है। फैक्ट्री में काम के दौरान दायां हाथ गंवा बैठे। मायूसी से निकाल मेहनत में जुटे। अग्रवाल ने कहा कि उनके मार्गदर्शन का प्रतिफल रहा कि बेटी प्रीति इंडियन पोस्टल सर्विसेस की अधिकारी है।

कमरे में लगाई मम्मी-पापा की तस्वीर और ली प्रेरणा

प्रीति बताती हैं कि शहर में हायर सेकंडरी तक पढ़ने के बाद उन्होंने पिता के सामने बाहर पढ़ने की इच्छा जताई। पिता ने पूरे विश्वास के साथ बेटी को दिल्ली भेजा। प्रीति ने समाज शास्त्र में बीए ऑनर्स किया। दिल्ली यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में एमए में गोल्ड मैडल हासिल किया।

प्रीति का कहना है कि उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के दौरान कमरे में किताबों के अलावा सिर्फ मम्मी-पापा की तस्वीर को सजाया। जब भी मन उदास हुआ इस तस्वीर को देख ऊर्जा ली। अग्रवाल ने अपनी दूसरी बेटी गरिमा को भी पूरी ताकत से पढ़ाया। गरिमा ने हैदराबाद से रोबोटिक्स में मास्टर्स किया।

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