जलस्तर 127.500 मीटर छूते ही नर्मदा में समा जाएगा राजघाट पुलUpdated: Thu, 14 Sep 2017 07:54 AM (IST)

-फैलने लगा खेतों में पानी, सोंदूल में बिना विस्थापन डूब रहे हैं मंदिर -बुधवार शाम तक नर्मदा का जलस्तर लगभग 127 मीटर पहुंचा बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि ओंकारेश्वर परियोजना व इंदिरा सागर परियोजना से पानी छुटने के बाद राजघाट में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार शाम तक नर्मदा का जलस्तर लगभग 127 मीटर पहुंच गया। 127.500 मीटर पर राजघाट पुल

-फैलने लगा खेतों में पानी, सोंदूल में बिना विस्थापन डूब रहे हैं मंदिर

-बुधवार शाम तक नर्मदा का जलस्तर लगभग 127 मीटर पहुंचा

बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि

ओंकारेश्वर परियोजना व इंदिरा सागर परियोजना से पानी छुटने के बाद राजघाट में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार शाम तक नर्मदा का जलस्तर लगभग 127 मीटर पहुंच गया। 127.500 मीटर पर राजघाट पुल पूरी तरह नर्मदा के आगोश में समा जाएगा। बुधवार दिन में भी बड़ी संख्या में लोग राजघाट पुल को देखने के लिए पहुंचे। उधर जलस्तर बढ़ने से ग्राम सोंदूल स्थित मंदिरों तक पानी पहुंच गया। इन मंदिरों का अब तक विस्थापन नहीं हो पाया है।

नबआं ने प्रेसनोट जारी कर आरोप लगाए कि प्रशासन अब तक भगवानों का ही विस्थापन नहीं कर पाया है और डूब लाई जा रही है। यह सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा मंदिरों के लिए 27 करोड़ की घोषणा के बावजूद अब तक मंदिरों को विस्थापित नहीं किया गया है। इन मंदिरों के विस्थापन की राशि कलेक्टर के खाते में वर्षों से जमा है। राजघाट स्थित दत्त मंदिर सहित अन्य मंदिर भी विस्थापित नहीं हुए हैं। आरोप लगाए गए कि अब तक लोगों का भी पूर्ण पुनर्वास नहीं हुआ है और महज 17 सितंबर को प्रधानमंत्री द्वारा परियोजना का लोकार्पण किए जाने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि परियोजनाओं में भी अब तक पूर्ण स्तर तक पानी नहीं पहुंचा है।

फैलने लगा खेतों में पानी

नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ने से राजघाट के आसपास भी पानी अब खेतों में फैलने लगा है। माना जा रहा है कि जल्द ही राजघाट के पहले बड़वानी मार्ग स्थित पुलिया भी डूब जाएगी। इससे राजघाट जाने का मार्ग अवरूद्घ होगा, वहीं राजघाट को अब तक खाली नहीं करवाया गया है।

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