ताश के पत्तों से मस्तिष्क को तराशेगा न्यू ऐप 'कीड़ा'Updated: Thu, 02 Mar 2017 04:03 AM (IST)

ताश के पत्तों से मस्तिष्क को तराशा जा सकता है। इन पत्तों से खेले जाने वाले ब्रिज को बढ़ावा देने के लिए एक इंजीनियर ने नया एप 'कीड़ा' नाम से बनाया।

खरगोन। ताश के पत्तों से मस्तिष्क को तराशा जा सकता है। इन पत्तों से खेले जाने वाले ब्रिज को बढ़ावा देने के लिए एक इंजीनियर ने नया ऐप 'कीड़ा' नाम से बनाया। यह ऐप इन दिनों खासा चर्चा में है। देश-विदेश की लगभग 40 भाषाओं में इसे समझा जा सकता है।

इस ऐप को बनाने वाले अमरेश देशपांडे इन दिनों जिले के प्रवास पर हैं। अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अमरेश मूलतः कोडीकनाल (तमिलनाडु) विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों और अन्य स्टाफ को निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इसी जिले का ग्राम रायबिड़पुरा ब्रिज खेल के लिए सुर्खियों में है। देशपांडे इस गांव के किसान ब्रिज क्लब में रुके हुए हैं।

खेल की मान्यता फिर भी नजरअंदाज

देशपांडे ने नईदुनिया से विशेष चर्चा में कहा कि भारत खेल मंत्रालय के मान्यता प्राप्त खेलों में ब्रिज शामिल है। इसके बावजूद इसे सिर्फ ताश का खेल समझकर नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने हवाला दिया कि बड़े-बड़े घरानों और बैरिस्टर होने के दौरान महात्मा गांधी भी ब्रिज से जुड़े थे। उनका दावा है कि यह खेल पूरी तर भावाव्यक्ति और सरल गणित आधारित है। यह खेल मस्तिष्क की एकाग्रता और परिपक्वता में निपुण बनाता है।

चार माह में बनाया ऐप

देशपांडे ने बताया कि उनका मकसद इस खेल के प्रति भ्रांतियों को दूर करना है। इस खेल के प्रति रुझान बढ़ाने की दृष्टि से उन्होंने लगभग चार माह कठिन परिश्रम कर 'कीड़ा' नामक ऐप तैयार किया। यह ऐप देश-विदेश की करीब 40 भाषाओं में उपलब्ध है। मुख्य रूप से यूरोपियन, चायनीज, रशियन, जर्मनी, ग्रीक, इटालियन, स्वीडिश, स्पेनिश, जापानी आदि भाषा में है। हिंदुस्तान में भाषा हिंदी के अतिरिक्त तमिल और कन्नड़ भाषा में भी इस ऐप को तैयार किया गया है।

रायबिड़पुरा से हुए आकर्षित

प्रशिक्षक देशपांडे ने बताया कि वे 20 वर्षों से इस खेल से जुड़े हैं। पांच वर्षों से विभिन्न संस्थाओं में प्रशिक्षण दे रहे हैं। ब्रिज के लिए मशहूर गांव रायबिड़पुरा के खिलाड़ियों की काबिलियत उन्हें यहां खींच लाई। वे इसके पहले भी यहां आ चुके हैं। वर्तमान में 10 वर्ष के बच्चों से लेकर कॉलेज के विद्यार्थियों और बुजुर्गों को वे इस खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चार खिलाड़ियों के बीच 13 पत्ते और ट्रंप कार्ड के साथ यह खेल खेला जाता है। कोड और डिकोड के माध्यम से खेल को दिलचस्प बनाया जाता है।

सकारात्मक माहौल बने

भारत खेल मंत्रालय ने इस खेल को मान्यता दी है। शतरंज के समान ही उम्मीद है कि इस खेल को भी अगले एशियाई खेलों में शामिल किया जाएगा। उनका मकसद इस खेल के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार कर बढ़ावा देना है।

-अमरेश देशपांडे, ब्रिज खिलाड़ी व ऐप निर्माता

अटपटी-चटपटी

  1. समुद्र किनारे मिली अजीब मछली को देख डर गए लोग, देखने जुटी भीड़

  2. फेसबुक चलाने से मना किया तो घर छोड़कर चली गईं बेटियां

  3. कद केवल 2 फीट लेकिन अरमान आसमां से भी ऊंचे

  4. थल सेना भर्ती के लिए बॉडी बिल्डिंग पड़ सकती है महंगी

  5. बीस साल से साथ रह रहे नाग-नागिन ने एक साथ प्राण त्यागे

  6. बेटे की मौत के बाद सास ने बेटी की तरह बहू को किया विदा

  7. भाभी को पत्नी के रूप में स्वीकार करने से मना किया तो कटवा दिए नाक, कान

  8. लड़की को भारी पड़ी सेल्फी, पुलिस ने ली घर की तलाशी और किया गिरफ्तार

  9. 12 साल का 'बच्चा' चार साल बड़ी लड़की को गर्भवती कर पिता बना

  10. अंडे में निकला हीरा, शादी करने जा रही महिला ने माना शुभ

  11. बच्चे को कलेजे से लगाकर ये चमत्कार कर सकती है मां

  12. विदेशी नस्ल का डॉग OLX पर मंगाया, छीनकर भाग गया

  13. 18 साल बाद मिला खून का रिश्ता, फिर हुआ कुछ ऐसा

  14. लकड़ी का ढेर नहीं ये बंदूकें हैं, चुनाव के दौरान हुई हैं जमा

  15. OMG! अपनी सुंदर बीवियों को कुरूप बना देते हैं यहां के लोग

  16. फोटो शूट के दौरान ट्रैक में फंसी मॉडल, चली गई जान

  17. गेम खेलते हुए गुस्से में कम्प्यूटर स्क्रीन पर दे मारा सिर, फिर...

  18. जिराफ जैसा बनने के लिए गर्दन में डाले छल्ले, लेकिन फिर हुआ ऐसा

  19. चार साल के बच्चे ने आईफोन की मदद से बचा ली मां की जान

  20. रेप के दौरान मदद के लिए नहीं चीखी पीड़िता, इसलिए आरोपी बरी

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.