ओंकारेश्वर में सात लोगों को डूबने से बचायाUpdated: Thu, 07 Sep 2017 03:58 AM (IST)

तीर्थनगरी में बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं में खरगोन के दो किशोर और इंदौर के पांच युवकों को डूबने से बचाया गया।

ओंकारेश्वर। तीर्थनगरी में बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं में खरगोन के दो किशोर और इंदौर के पांच युवकों को डूबने से बचाया गया। नगर सैनिक और सुरक्षा नाव चालक की सूझबूझ से बड़े हादसे होने से टल गई। नर्मदा का बहाव अनियमित होने के कारण ऐसे हादसे सामने आ चुके हैं।

इंदौर से 40 लोगों का दल बुधवार शाम को श्रीगणेश की मूर्ति के विसर्जन के लिए ओंकारेश्वर आया था। यहां कुंड में मूर्ति के विसर्जन के बाद युवक ब्रह्मपुरी घाट पर नर्मदा स्नान करने लगे। नदी में पानी कम होने के कारण पांच युवक गहरे पानी की ओर चले गए। यहां वे डूबने लगे।

साथियों को डूबता देख लोगों ने बचाव के लिए चिल्लाना शुरू किया। यह सुनकर नगर पंचायत का नगर सैनिक कैलाश बोरकने और सुरक्षा नाव चालक राकेश केवट इनके पास नाव लेकर पहुंचे और सरकार पिता जगदीश पुरोहित (33) और शिव पिता हरिओम यादव (25) दोनों निवासी साऊथ तुकोगंज इंदौर और तीन अन्य को डूबने से बचाया। नाविक और सैनिक ने सूझबूझ दिखाते हुए नाव इन युवकों के पास लगाई और उन्हें नदी से बाहर निकाला।

दूसरी घटना में ब्रह्मपुरी घाट पर नहा रहे दिनेश पिता नानाजी (17) और उमंग पिता रमेश (16) निवासी गायत्री मंदिर खरगोन को भी कैलाश व राकेश ने डूबने से बचाया। विदित हो कि नर्मदा का जलस्तर स्थिर नहीं होने के कारण यहां स्नान करने आ रहे लोग डूबने की घटना का शिकार हो जाते हैं। कई घटनाएं सामने आने के बाद भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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