12 साल में तैयार हुआ ओवरब्रिज, 40 गांवों के 50 हजार लोगों को राहतUpdated: Wed, 19 Apr 2017 07:41 PM (IST)

खंडवा-मूंदी रोड से जावर को जोड़ने के लिए ओवरब्रिज तैयार है। औपचारिक उद्घाटन से पहले ही ग्रामीणों से यहां से आवाजाही शुरू कर दी है।

खंडवा। खंडवा-मूंदी रोड से जावर को जोड़ने के लिए ओवरब्रिज तैयार है। औपचारिक उद्घाटन से पहले ही ग्रामीणों से यहां से आवाजाही शुरू कर दी है। वर्ष 2003 से यह ब्रिज प्रस्तावित था, 2005 में काम शुरू होकर बंद हो गया, 2016 में फिर काम शुरू हुआ, 12 साल बाद ब्रिज बनकर तैयार हुआ है।

- इंदिरासागर बांध के बैक वाटर के कारण जावर, सहेजला, सुरगांव, कोलगांव व अन्य गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग टूटने के बाद ब्रिज प्रस्तावित किया गया था।

- 7.5 करोड़ की लागत के इस ब्रिज की लंबाई करीब 600 मीटर और चौढ़ाई 7 मीटर है। इस पर दो-दो फीट के फुटपाथ और बीच में सीढ़िया भी बनी हैं।

- मुंबई-दिल्ली रेलवे ट्रैक के ऊपर बना यह ब्रिज 32 पिलर पर टिका हुआ है। इसका एक छोर खंडवा-मूंदी रोड और दूसरा जावर गांव की ओर है।

- ब्रिज से आसपास के करीब 40 गांवों के 50 हजार लोगों की आवाजाही सुचारु होगी, उन्हें तलवड़िया रेलवे फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना होगा।

- तलवड़िया स्टेशन के पास हर 15 मिनट में रेलवे फाटक बंद होने से ग्रामीणों को परेशान होना पड़ता था। कई बार यहां जाम की स्थिति भी बनती थी।

- दो व चार पहिया वाहन तो ब्रिज से गुजर रहे हैं लेकिन इसके ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों के कारण यहां से भारी वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही।

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