स्कूल में शिक्षक नहीं, खंडवा कलेक्टोरेट में बैठकर आधे घंटे तक की पढ़ाईUpdated: Wed, 09 Aug 2017 06:04 PM (IST)

हमारे स्कूल में विज्ञान और जीव विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। दो माह से स्कूल जा रहे हैं लेकिन अब तक एक भी क्लास नहीं

खंडवा। हमारे स्कूल में विज्ञान और जीव विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। दो माह से स्कूल जा रहे हैं लेकिन अब तक एक भी क्लास नहीं लगी। परेशान होकर अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के पास आए हैं। यह बात रूस्तमपुर हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने बुधवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर कही। यहां कलेक्टर अभिषेक सिंह के नहीं होने पर वे बरामदे में ही किताबें लेकर बैठ गए और पढ़ाई करने लगे।

कलेक्टर ने दफ्तर पहुंचते ही विद्यार्थियों से चर्चा की और डीईओ पीएस सोलंकी को फोन लगाकर स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिले के हाईस्कूल व हायर सेकंडरी में शिक्षकों के 676 और प्राथमिक-माध्यमिक में 1500 शिक्षकों के पद खाली हैं। सहायक संचालक शिक्षा, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन के एडीपीसी और उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य तक का पद रिक्त है।

जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्राम रूस्तमपुर के हायर सेकंडरी स्कूल में विज्ञान व जीव विज्ञान के शिक्षक ही नहीं हैं। कक्षाएं नहीं लगने से परेशान विद्यार्थी बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। दोपहर करीब 2.45 बजे कलेक्टोरेट में आकर वे बरामदे में ही किताबें खोल कर बैठ गए। यहां पढ़ाई करना शुरू कर दिया।

11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने कहा कि हम 15 जून से कक्षाएं लगने का इंतजार कर रहे हैं, शिक्षा सत्र शुरू हुए दो माह बीत जाने के बाद भी अब तक शिक्षक नियुक्त नहीं हुए हैं। हमारी मांग है कि जल्द हमारी स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति हो, जिससे हमारा शैक्षणिक कार्य शुरू हो सके।

करीब 3.15 बजे कलेक्टर सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने करीब 10 मिनट विद्यार्थियों से चर्चा की। इसके बाद डीईओ को फोन कर तत्काल स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही यह भी कहा कि जिले में जहां भी शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है, वहां स्थिति में सुधार लाने के प्रयास किए जाएं।

अधिकारियों में हड़कंप

जानकारी के अनुसार रूस्तमपुर हायर सेकंडरी स्कूल की प्राचार्य सेवानिवृत्त हो गई हैं, उनकी जगह कार्यभार संभालने वाली शिक्षिका का चयन एमएड कोर्स के लिए हो गया है। स्कूल में अब तक अतिथि शिक्षक नियुक्त करने की कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते यह स्थिति बनी है। सूत्रों के अनुसार विद्यार्थियों के कलेक्टोरेट पहुंचते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रूस्तमपुर के प्राचार्य को दस्तावेज लेकर अधिकारियों ने खंडवा बुलाया। इसके साथ ही यहां अधिकारी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में जुट गए हैं।

महत्वपूर्ण पद ही खाली

शिक्षा विभाग का ढांचा गड़बड़ाया हुआ है। यहां शिक्षकों के साथ ही महत्वपूर्ण अधिकारियों के पद भी खाली हैं। सहायक संचालक शिक्षा दीपक ओझा का स्थानांतरण सिहाड़ा हाईस्कूल में हो गया है। उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मनोज सराफ को डाइट में स्थातांतरित कर दिया गया है, वहीं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन के एडीपीसी पीएस सोलंकी को डीईओ का प्रभार दे दिया गया है। इसके चलते सहायक संचालक, उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य और एडीपीसी रमसा जैसे महत्वपूर्ण पद ही खाली पड़े हैं।

1800 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 2226 पद खाली

जिले के करीब 1800 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 2226 पद रिक्त हैं। जिले की 53 हायर सेकंडरी स्कूलों में 517 में से आधे से अधिक 283 पद रिक्त हैं। इसी तरह 160 हाईस्कूल में 716 में से 393 पद रिक्त पड़े हैं। 1660 प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में तो डेढ़ हजार से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं। भर्ती प्रक्रिया में विलंब के कारण इन पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वर्ष 2015 में होने वाली शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अब तक नहीं हो सकी है। जिले के हाईस्कूल में अंग्रेजी के 87, गणित के 69, विज्ञान के 44, सामाजिक अध्ययन के 36 और हिंदी 27 शिक्षकों के पद रिक्त हैं।

फैक्ट फाइल

- सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक विद्यार्थी - 158000

- सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थी -36500

- प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद - करीब 1500

- हाईस्कूल व हायर सेकंडरी में शिक्षकों के रिक्त पद - 676

करेंगे नियुक्ति

जिला शिक्षा अधिकारी पीएस सोलंकी ने बताया कि रूस्तमपुर स्कूल में जल्द विज्ञान व जीव विज्ञान की कक्षाएं लगना शुरू कराया जाएगा। प्राचार्य से चर्चा कर वहां ऑफलाइन प्रक्रिया में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। अतिथि शिक्षकों की भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक कक्षाओं के संचालन के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो।

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