12 हजार से अधिक युवाओं ने लिया सेना भर्ती प्रक्रिया में हिस्साUpdated: Fri, 23 May 2014 04:58 PM (IST)

सेना भर्ती परीक्षा में प्रदेश के 14 जिले से आए नवयुवकों का हौसला काबिले तारीफ है। प्रतिदिन हजारों की तादाद में ये नवयुवक सुबह की पहली किरण से रैली की तैयारी में जुट जाते हैं।

कटनी। सेना भर्ती परीक्षा में प्रदेश के 14 जिले से आए नवयुवकों का हौसला काबिले तारीफ है। प्रतिदिन हजारों की तादाद में ये नवयुवक सुबह की पहली किरण से रैली की तैयारी में जुट जाते हैं। गर्मी और सुबह की परवाह किए बिना ये युवक दौड़ व अन्य प्रतियोगिता में निरंतर भाग ले रहे हैं। अभी तक 12 हजार से अधिक नवयुवकों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया है। प्रतियोगिता 20 मई से प्रारंभ हुई है जो निरंतर 26 मई तक चलेगी।

कलेक्टर अशोक कुमार सिंह द्वारा प्रतिदिन इस सेना भर्ती में पहुंचकर नवयुवकों की हौसला अफजाई की जा रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर भी प्रतियोगिता के प्रथम दिवस पहुंचे। नोडल अधिकारी, सेना भर्ती रैली, जिला रोजगार अधिकारी, एके दुबे ने बताया कि सेना भर्ती कार्यालय जबलपुर द्वारा पुलिस लाइन ग्राऊंड में 20 से 26 मई तक सेना भर्ती रैली का आयोजन किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय जबलपुर से कर्नल प्रवीण कुमार प्रतियोगिता को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। सेना रैली 23 मई को रीवा, डिंडोरी एवं सिंगरौली जिलों के आवेदकों के आवेदन लिए गए हैं।

1369 युवक उत्तीर्ण

पिछले तीन दिनों में 11 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। जिसमें 7900 नवयुवकों ने दौड़ में हिस्सा लिया और 1369 नवयुवक दौड़ में उत्तीर्ण रहे। कटनी में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतियोगियों का फिजीकल व मेडिकल फिटनेस टेस्ट कराया जा रहा है। इनमें उत्तीर्ण रहने वालों नवयुवकों की लिखित परीक्षा आगामी 27 जुलाई को सेना भर्ती कार्यालय जबलपुर में आयोजित की जाएगी।

सतत निगरानी

प्रतियोगिता की सतत निगरानी एसडीएम एसयू सैय्यद, हैड र्क्वाटर डीएसपी ओपी परवार, जिला रोजगार अधिकारी एके दुबे द्वारा की जा रही है। अतिरिक्त जिला परिवहन अधिकारी अंशलाल पंद्रे व जितेन्द्र सिंह बघेल द्वारा रेलवे स्टेशन से पुलिस लाइन तक नवयुवकों के आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

स्टेशन के बाहर नहीं लगा बोर्ड

जिला प्रशासन द्वारा जहां युवकों को झिंझरी तक लाने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है तो वहीं इस बस की सुविधा की जानकारी सामान्यतः युवकों को नहीं मिल पा रही है। जिसका कारण यह है कि यहां पर किसी भी प्रकार का संकेत या सूचना पटल बस के संबंध में नहीं लगाया गया है। जिसके कारण ऑटो रिक्शा चालक बेरोजगार युवकों से मनमाफिक किराया वसूल रहे हैं। रात के समय तो झिंझरी तक पहुंचाने के लिए ऑटो चालक सौ-सौ रुपए तक वसूल कर रहे हैं। जिसे युवकों को मजबूरी देना पड़ रहा है।

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