किसान आंदोलन के खिलाफ जनहित याचिका खारिजUpdated: Tue, 12 Sep 2017 10:24 PM (IST)

हाईकोर्ट ने राज्य में किसान आंदोलन के खिलाफ दायर जनहित याचिका वापस लिए जाने का निवेदन मंजूर करते हुए खारिज कर दी।

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में किसान आंदोलन के खिलाफ दायर जनहित याचिका वापस लिए जाने का निवेदन मंजूर करते हुए खारिज कर दी। जबलपुर निवासी गजल गायक अनवर हुसैन ने इस जनहित याचिका के जरिए किसान आंदोलन को कठघरे में रखा था। उनकी ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने पक्ष रखा।

मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान दलील दी गई थी कि मंदसौर से उजकर समूचे प्रदेश में फैले किसान आंदोलन की आग में घी का काम करने वाले राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। साथ ही किसानों के चकाजाम पर प्रतिबंध के अलावा जनधन की हानि के एवज में हर्जाना भी दिलवाया जाए।

शकुंतला खटीक व जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर- मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से साफ किया गया कि जनहित याचिका में जो मूल मांग की गई थी, वह विधायक शकुंतला खटीक और जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर से संबंधित थी। चूंकि वह मांग पूरी हो चुकी है, अत: मौजूदा स्थिति में अप्रासंगिक (इनफैक्चुअस) जनहित याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने तर्क से सहमत होकर ऐसा ही किया।

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.