एटीएम और बैंक से लेनदेन सुरक्षित, वायरस का खतरा नहींUpdated: Wed, 17 May 2017 01:44 AM (IST)

कंम्प्यूटर में रैन्समवेयर वायरस अटैक के बाद सोशल मीडिया में आ रहीं इससे जुड़ी खबरों ने लोगों को भ्रम में डाल दिया है।

जबलपुर। दुनिया के 90 से अधिक देशों के कंम्प्यूटर में रैन्समवेयर वायरस अटैक के बाद सोशल मीडिया में आ रहीं इससे जुड़ी खबरों ने लोगों को भ्रम में डाल दिया है। खबरों के मुताबिक निजी हो या सरकारी बैंक के एटीएम में वायरस अटैक हो गया है। इससे बैंक से लेन-देन व एटीएम में कामकाज प्रभावित होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक लगभग सभी बैंकों के एटीएम काम कर रहे हैं।

सुरक्षा के लिहाज से एंटी वायरस सिस्टम को अपडेट कर लिया गया है। वहीं देश में एटीएम में रैन्समवेयर वायरस से खतरा न होने की एक वजह यह भी है कि 60 से 65 फीसदी एटीएम अभी भी आउटडेटेड हो चुके एक्सपी विंडोज वर्जन पर काम कर रहे हैं। इनको अपडेट ही नहीं किया गया है।

बैंकों में ये अलर्ट जारी हुआ

- केंद्रीय स्तर पर आरबीआई सहित साइबर सेल तक अलर्ट जारी हुआ है। इसमें बैंको को कई तरह की सावधानी बरतने कहा गया है।

- बैंक के अंदर अलग से कोई कम्प्यूटर सिस्टम, स्केनर, डीवीडी, सीडी, पेनड्राइव नहीं लगाने कहा गया है।

- किसी अनचाहे ई मेल और किसी लिंक को भी खोलने की मनाही है। ऐसा करने पर वायरस उस सिस्टम को हैक कर सकता है।

- इंटरनेट बैंकिंग से जुड़े ई मेल या अन्य प्रक्रिया में भी इसी तरह सावधानी बरतने के निर्देश हैं।

ग्राहकों के लिए ये बातें जरूरी

- बैंक खाता धारक व इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करने वालों को अपने मोबाइल या कम्प्यूटर, लेपटॉप में अच्छी कंपनी का एंटी वायरस सिस्टम उपयोग करना होगा।

- कुछ एंटी वायरस साफ्टवेयर अपने आप ही अपडेट होते हैं। लेकिन कुछ के लिए समय अवधि तय होती है। इसलिए एंटी वायरस को अपडेट करना जरूरी है।

- आपको किसी भी तरह की लिंक वाले मैसेज पर ध्यान नहीं देना है। अंजान ईमेल को भी नहीं खोलना चाहिए। ईमेल के माध्यम से भी लिंक भेजी जाती है। जिन्हें खोलने पर वायरस सक्रिय हो सकता है।

निजी सर्वर की वेबसाइट असुरक्षित

जिले सहित प्रदेश व देश भर में सरकारी वेबसाइट निजी सर्वरों के जरिये संचालित हो रही हैं। ऐसी सभी वेबसाइट को बचाने के लिए भी एंटी वायरस का उपयोग ही किया जाता है, लेकिन जो वेबसाइट नेशनल इनफरमेशन सेंटर (एनआईसी) के सर्वर से जुड़ी हैं, उनमें वायरस अटैक का खतरा न के बराबर है। हालांकि प्रदेश सरकार ने जिला स्तरों की वेबसाइटों को एनआईसी से लिंक करने की कोशिश की है। जिससे हैकिंग व वायरस अटैक को रोका जा सके।

एसबीआई व अन्य नेशनल बैंक अपने साफ्टवेयर के एंटी वायरस को अपडेट कर रहे हैं। इसलिए लेन देन प्रभावित नहीं होगा। -शशिन्द्र सिंग, एसबीआई एडमिन इंचार्ज

आउटडेटेड सिस्टम ने बचा लिए हमारे एटीएम

रैन्समवेयर वायरस अटैक ने भले ही दुनियाभर के बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाई हो, लेकिन देश के एटीएम इस वायरस के प्रभाव से फिलहाल अछूते हैं। देश की सबसे बड़ी साइबर सुरक्षा एजेंसी भङइ्‌ 'ह ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि देश में स्थापित अमूमन पुराने सिस्टम पर कार्य कर रहे हैं। ये अपग्रेड नहीं हैं इसलिए रैन्समवेयर वोनाफाई वायरस का इन पर कोई असर नहीं हुआ है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां खतरे को पूरी तरह से नहीं नकार रही हैं।

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