नवरात्रि में झांकी डोकलाम की तो भक्तों का बीमा भी 60 लाख काUpdated: Tue, 12 Sep 2017 10:12 PM (IST)

भारत और चीन के बीच 73 दिन तक चले डोकलाम विवाद की झांकी नवरात्रि में जबलपुर में नजर आएगी।

पंकज तिवारी, जबलपुर। भारत और चीन के बीच 73 दिन तक चले डोकलाम विवाद की झांकी नवरात्रि में जबलपुर में नजर आएगी। शहर में यह पहली बार होगा, जब किसी झांकी को देखने आने वाले भक्तों का बीमा कराया गया है। वह भी 60 लाख रुपए का। अब तक दुर्गा पंडालों के लिए बीमा कराया जाता रहा है। सिविल लाइन क्षेत्र के दुर्गा पंड़ाल के साथ डोकलाम की झांकी नजर आएगी।

तैयार किया जा रहा है मॉडल

सिविल लाइन बाल दुर्गा उत्सव समिति इस साल भारत-चीन के बीच विवादित क्षेत्र डोकलाम का मॉडल तैयार कर रही है। चीन, भूटान और भारत की सीमा जैसे हालात, ऊंची-ऊंची पहाड़ी से निकलते जोखिम भरे रास्ते। ऐसा दृश्य पैदा करने की कोशिश की गई है, जिससे वहां का अहसास हो।

60 भक्तों का मिलेगा कवर

दुर्गा पंड़ाल में भीड़ और जोखिम को देखते हुए आयोजकों ने सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया है। समिति सदस्यों के अलावा भक्तों का भी बीमा किया है। करीब 60 लोगों का एक-एक लाख रुपए का बीमा हुआ है। कमलेश अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षा के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। हर साल वैसे तो दुर्गा पंडाल की 10-15 लाख रुपए का ही बीमा समिति करवाती थी। इस बार चूंकि ऊंचाई और भक्तों की भीड़ अधिक होने की उम्मीद है इसलिए भक्तों का बीमा कराया गया है।

एक माह का बीमा

नवरात्र की बैठकी (स्थापना) के दिन से पब्लिक लायबिलिटी बीमा कवर होगा। समिति के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल ने बताया कि बीमा पूरे एक माह को होता है। दशहरा तक पंड़ाल में भीड़ ज्यादा होती है। बीमा पर 45 हजार रुपए का खर्च आता है।

22 लाख रुपए का पंडाल

बाल उत्सव समिति के पंडाल को बनाने में करीब 22 लाख रुपए का खर्च आ रहा है। भक्तों को उतरने-चढ़ने के लिए ब्रिज बनवाया गया है। मजबूती के लिए सारा काम लोहे से हो रहा है। इसके अलावा झांकी, डमी हेलिकाप्टर भी भारत-चीन के तैयार करवाए जा रहे हैं।

चीनी उत्पाद के बहिष्कार की दिलवाएंगे शपथ

पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को बाल दुर्गा उत्सव समिति के सदस्य चीनी उत्पादों के बहिष्कार की शपथ भी दिलवाएंगे। कमलेश अग्रवाल ने बताया कि हर घंटे शपथ कार्यक्रम होगा। देश को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए ये प्रयास किया जा रहा है।

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