बुआ की लड़का और मामा की लड़की ने दिया शादी के लिए आवेदनUpdated: Wed, 19 Apr 2017 01:35 AM (IST)

दोनों ने अपर कलेक्टर कोर्ट में शादी का आवेदन गुपचुप तरीके से कर दिया।

जबलपुर। बुआ का लड़का शुभम नागिया निवासी लालमाटी कांचघर और मामा की लड़की सोनू डेहरिया निवासी चमारी खुर्द सिवनी रिश्ते में भाई-बहन लगते हैं। दोनों ने अपर कलेक्टर कोर्ट में शादी का आवेदन गुपचुप तरीके से कर दिया। लड़के के माता-पिता को जानकारी लगी तो उन्होंने कोर्ट में आपत्ति दर्ज करा दी और प्रमाण के साथ बता दिया कि दोनों रिश्ते में भाई-बहन हैं। वहीं अपर कलेक्टर आनंद कोपरिहा ने लड़की से दादा के प्रमाण पेश करने कहा, लेकिन उसने पिछली पेशी में ही प्रमाण देने से इनकार कर दिया था। मंगलवार को जब प्रमाण पेश नहीं हुए तो आपत्ति को सही मानते हुए अपर कलेक्टर ने शादी के आवेदन को खारिज कर दिया। ये अपने आप में अभी तक का पहला मामला है। जिसमें भाई-बहन रजिस्टर्ड मैरिज करने पहुंचे और उनका आवेदन खारिज हुआ।

लड़के की मां और लड़की के पिता भाई-बहन

- शादी का आवेदन करने वाले लड़के की मां पुष्पा नागिया और लड़की का पिता राजकुमार डेहरिया दोनों भाई बहन हैं। इसलिए उनके स्कूली दस्तावेज या अन्य प्रमाण पत्रों में भी पिता का नाम एक ही रहेगा। विवाह के लिये आवेदन करने वाले युवक की मां ने बकायदा आपत्ति के साथ 1978 में सिवनी जिले से जारी प्राथमिक शाल का प्रमाण पत्र भी पेश किया। इसमें उनके पिता का नाम चमरलाल भी दर्ज है।

- अब लड़की को भी अपने पिता और उसके दादा से जुड़े प्रमाण पेश करने थे। इसके लिये 18 अप्रैल का दिन तय किया गया। लेकिन युवती ने कोई प्रमाण पत्र पेश नहीं किया। इसके बाद अपर कलेक्टर ने आवेदन को यह मानते हुए खारिज कर दिया कि लड़के की मां द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट में दोनों भाई बहन बताए जा रहे हैं, वह सही है।

एक्ट भी नहीं देता मंजूरी

- हिन्दू मैरिज एक्ट में भी ऐसे नियम हैं कि रिश्ते में भाई-बहन कोर्ट मैरिज नहीं कर सकते हैं। ये विवाह अधिनियम के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। नियम में साफ कहा गया है कि एक ही ब्लड रिलेशन वालों का विवाह नहीं किया जा सकता।

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