इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ गई गर्भवती की हालत, मौतUpdated: Wed, 07 May 2014 02:56 AM (IST)

इंदौर। पीसी सेठी अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती की हालत बेहोशी का इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ गई। उसे ताब

इंदौर। पीसी सेठी अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती की हालत बेहोशी का इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ गई। उसे ताबड़तोड़ एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना ने एक बार फिर सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के दावे की पोल खोलकर रख दी है।

आजाद नगर निवासी अंजुम (28)पति मोहम्मद वारिस को परिजन ने सोमवार को संयोगितागंज स्थित पीसी सेठी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उसका इलाज डॉ.मुक्ता जैन कर रही थीं। महिला की यह तीसरी डिलेवरी थी। उसे पहले ही से दो बच्चे हैं। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को डॉक्टर महिला को सिजेरियन डिलेवरी के लिए ऑपरेशन थिएटर ले गए। वहां एनेस्थिटिस्ट डॉ.एमपी शर्मा ने उसकी कमर में बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाते ही अंजुम की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। एमवायएच में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। अंजुम की मौत के बाद देर तक उसका शव अस्पताल में ही रखा रहा। परिजन ने बताया कि वे अंजुम के मायके वालों का इंतजार कर रहे थे।

तुरंत रेफर कर दिया था

महिला को बुपीवाकेन ड्रग का जायलोकेन इंजेक्शन लगाया गया था। इसके बाद उसने जलन और खुजली की शिकायत की। अस्पताल में आईसीयू नहीं होने की वजह से उसे तुरंत एमवायएच रेफर करना पड़ा।

डॉ.एमपी शर्मा, प्रभारी पीसी सेठी अस्पताल

...................

आईसीयू की व्यवस्था तक नहीं

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सरकार का दावा एक बार फिर खोखला साबित हुआ। पीसी सेठी अस्पताल के नवीनकरण को सालों हो चुके हैं मगर अब तक यहां आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में आईसीयू होता तो अंजुम को एमवायएच रेफर नहीं करना पड़ता।

15 दिन पहले हुई थी दो मौत

इंजेक्शन के रिएक्शन से होने वाली यह तीसरी मौत है। 15 दिन पहले एमवायएच से डिस्चार्ज होते वक्त लगाए गए इंजेक्शन से दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बाद सरकार ने सेप्ट्राजोन नामक ड्रग को प्रतिबंधित कर दिया है।

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.