बोलते थे तुम 'अंबानी' जैसे बन जाओगे पर एक काम करना होगाUpdated: Mon, 20 Mar 2017 11:08 AM (IST)

ठगोरे विदेशी मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी से जुड़ कर लोगों को 'अंबानी' बनने का झांसा दे रहे थे।

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। तुकोगंज पुलिस ने रविवार दोपहर एक होटल में दबिश देकर आठ ठगोरों को पकड़ा। सभी विदेशी मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी से जुड़ कर लोगों को 'अंबानी' बनने का झांसा दे रहे थे। कंपनी के खिलाफ रायपुर में करोड़ों रुपए ठगने का मामला दर्ज है। मौके से फोटो, ब्रोशर और अन्य सामग्री मिली है।

पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर 2 बजे सूचना मिली कि आरएनटी मार्ग स्थित होटल में विदेशी कंपनी रोजनेफ्ट हेज का फरार अधिकारी सुनीलसिंह चौहान अन्य कर्मचारी-अधिकारियों के साथ ठहरा हुआ है। सुनिल ने गिरोह के साथ सेमिनार भी आयोजित किया है। इसमें धार, खंडवा, धामनोद, बड़वाह, अलिराजपुर, देवास, रतलाम से कई बेरोजगार युवक, छात्र और छोटे व्यवसायियों ने भाग लिया। दबिश के पहले अफसरों ने एक सिपाही को निवेशक बनाकर होटल में भेजा। सिपाही कंपनी से जुड़ने के बहाने सेमिनार में पहुंच गया। ट्रेनर राज मोहन काले(मुंबई) लोगों को बता रहा था कि कंपनी का नेटवर्क इंटरनेशनल लेवल तक फैला हुआ है।

कंपनी से जुड़ने के लिए शुरूआत में 8,750 से रुपए में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। कुछ दिनों बाद हर सप्ताह 8 प्रतिशत रिटर्न मिलना शुरू हो जाएगा। इसके बाद सुनीलसिंह ने लोगों को बरगलाना शुरू किया। वह कहने लगा पहले मैं बहुत गरीब था, लेकिन अब मेरे पास गाड़ी-बंगला और रुपए-पैसे सब है। भाई की शादी में एक करोड़ और बहन की शादी में 80 लाख रुपए खर्च कर चुका हूं। कम समय में 'धीरुभाई अंबानी' बनने का इससे अच्छा अवसर फिर नहीं मिलेगा। इसी दौरान हाल में सादीवर्दी में मौजूद सिपाही ने अफसरों को कॉल कर दिया। सीएसपी, टीआई, सायबर सेल व सीआईडी अफसरों की टीम पहुंची और बीच सत्र से आठ लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

रशियन कंपनी का नाम, 8 प्रतिशत रिटर्न का झांसा

पुलिस के मुताबिक रोजनेफ्ट हेज के कर्ताधर्ता सुनीलसिंह, रामबीरसिंह, राजेश कुमार, केएल साहू, संदीप कौशिक के खिलाफ रायपुर के गंज थाने में फरियादी प्रमोद कुमार गोटिया की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज है। रायपुर पुलिस आरोपियों की पंजाब, दिल्ली और लखनऊ में तलाश कर रही थी। शक है आरोपियों ने रशियन कंपनियों से मिलते-जुलते नाम से फर्जी कंपनी खोली है। लोगों को झांसा देने के लिए कहा जाता था कि रुपए का रिटर्न डॉलर में आता है, जो वर्चुअल मनी के रूप में ई-वॉलेट में जमा हो जाएगा। जरूरत पड़ने पर कंपनी भारतीय करंसी में बदल कर निवेशकों के खाते में जमा करवा देगी।

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